नई दिल्ली । अभिनेत्री Mahima Chaudhry ने अपने करियर के शुरुआती दौर में हुए एक दर्दनाक हादसे को फिर से याद करते हुए उस समय की भावनात्मक परिस्थितियों और सहयोग को साझा किया है, जिसमें उन्होंने विशेष रूप से Ajay Devgn को न केवल एक बेहतरीन अभिनेता बल्कि एक बेहद संवेदनशील और मददगार इंसान के रूप में याद किया।
महिमा के अनुसार यह घटना वर्ष 1999 के दौरान फिल्म ‘दिल क्या करे’ की शूटिंग के समय बेंगलुरु में हुई थी, जब उनकी कार एक ट्रक से टकरा गई थी और इस दुर्घटना में उन्हें चेहरे पर गंभीर चोटें आई थीं, यहां तक कि कांच के कई टुकड़े उनके चेहरे में धंस गए थे, जिससे स्थिति काफी नाजुक हो गई थी और उस समय उनके करियर और भविष्य को लेकर भी अनिश्चितता का माहौल बन गया था।
इस फिल्म में उनके साथ Kajol और Chandrachur Singh भी प्रमुख भूमिकाओं में थे, जबकि फिल्म के निर्माण से जुड़े Veeru Devgan और Veena Devgan का भी योगदान रहा, और निर्देशन की जिम्मेदारी Prakash Jha ने संभाली थी।
महिमा चौधरी ने एक टीवी कार्यक्रम में बातचीत के दौरान बताया कि उस कठिन समय में सबसे बड़ी चिंता उन्हें अपने करियर को लेकर थी, क्योंकि उन्हें डर था कि अगर इस दुर्घटना की खबर सार्वजनिक हो गई तो उनका फिल्मी सफर समाप्त हो सकता है। उन्होंने कहा कि उस समय Ajay Devgn ने न केवल एक प्रोड्यूसर के तौर पर जिम्मेदारी निभाई बल्कि एक इंसान के रूप में भी उनका पूरा साथ दिया और उन्हें सही इलाज के लिए अच्छे प्लास्टिक सर्जन तक पहुंचाया।
महिमा के अनुसार अजय ने उन्हें हिम्मत दी और सही दिशा में इलाज कराने पर जोर दिया, जबकि अन्य लोग केवल औपचारिक सलाह देकर आगे बढ़ सकते थे, लेकिन अजय ने व्यक्तिगत रूप से उनकी मदद की और पूरे इलाज की प्रक्रिया में सहयोग बनाए रखा।
महिमा ने यह भी कहा कि उन्होंने और फिल्म के निर्देशक ने उनकी प्राइवेसी का पूरा सम्मान किया और इस दुर्घटना की खबर को बाहर नहीं आने दिया, ताकि उनके करियर पर कोई नकारात्मक असर न पड़े। इस घटना ने महिमा के जीवन में गहरा प्रभाव छोड़ा और उन्होंने इसे हमेशा अपने जीवन का एक कठिन लेकिन महत्वपूर्ण अनुभव माना है।
आज भी वह उस समय को याद करते हुए अजय देवगन की संवेदनशीलता और मानवीय व्यवहार को सराहती हैं और उन्हें एक ऐसे व्यक्ति के रूप में देखती हैं जो सिर्फ पर्दे पर ही नहीं बल्कि वास्तविक जीवन में भी जिम्मेदारी और इंसानियत का उदाहरण पेश करते हैं।
