जानकारी के अनुसार, युवक को एक मुखबिर और उसके साथी के जरिए पटकापुर चौकी ले जाया गया, जहां चौकी इंचार्ज प्रशांत सिंह सोमवंशी पर आरोप है कि उन्होंने पूछताछ के दौरान महज 30 से 40 सेकेंड में युवक के गालों पर लगभग 15 थप्पड़ मारे। इसके बाद आरोप है कि उसकी उंगलियों में सूजा फंसाकर उसे जमीन पर दबाया गया और जूतों से प्रताड़ित किया गया। इस दौरान मौजूद मुखबिर और उसका साथी कथित तौर पर पूरे घटनाक्रम पर हंसते रहे और दरोगा को उकसाते रहे।
पीड़ित का यह भी आरोप है कि जब उसने खुद को बेकसूर बताया तो मारपीट और तेज कर दी गई। बाद में करीब तीन घंटे तक चौकी में रखने के बाद उसे छोड़ा गया। इस घटना की जानकारी जब इलाके के व्यापारियों को मिली तो वे चौकी पहुंचे और सीसीटीवी फुटेज की मांग की, लेकिन उन्हें वहां से वापस लौटा दिया गया।
इसके बाद शुक्रवार को राम नारायण बाजार के व्यापारियों ने घटना के विरोध में अपनी दुकानें बंद कर दीं और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची और जांच का आश्वासन देकर स्थिति को शांत कराया।
पीड़ित के अनुसार, घटना के दौरान चौकी में मौजूद मुखबिर ने यहां तक कहा कि “आंख में मिर्च डालो तो सच बताएगा”, जिससे पूरे मामले ने और गंभीर रूप ले लिया। वहीं आरोप यह भी है कि दरोगा पहले भी सोशल मीडिया पर वर्दी में रील बनाने को लेकर चर्चा में रह चुके हैं।
फिलहाल मामले में एसीपी कोतवाली का कहना है कि लगाए गए सभी आरोपों की जांच की जा रही है और जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन की भूमिका को लेकर स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश बना हुआ है।
