4 साल का मासूम जिंदा जला, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
इस दर्दनाक हादसे में शिवपुरी निवासी अभिषेक जैन का 4 वर्षीय बेटा अनय बस के अंदर ही फंस गया और आग में जिंदा जल गया। परिजन और यात्रियों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी। प्रशासन को मासूम का शव निकालने में करीब 2 घंटे लग गए।
चेतावनी के बावजूद लापरवाही, यात्रियों ने सुनाई आपबीती
यात्रियों के मुताबिक, सफर के दौरान बस में वायरिंग जलने की बदबू आ रही थी। कई लोगों ने इसकी शिकायत ड्राइवर से की, लेकिन उसे नजरअंदाज कर दिया गया। रात करीब 12 बजे बस जब हाईवे पर एक ढाबे के पास रुकी, तभी कुछ ही मिनटों बाद आग लग गई और अफरा-तफरी मच गई।
न इमरजेंसी गेट, न फायर सिस्टम-बचाव में बड़ी दिक्कत
हादसे के समय बस में 50 से अधिक यात्री सवार थे। बताया गया कि बस में न तो इमरजेंसी एग्जिट ठीक से काम कर रहा था और न ही अग्निशमन यंत्र मौजूद था। स्थिति इतनी भयावह हो गई कि लोगों को खिड़कियां और शीशे तोड़कर बाहर निकलना पड़ा।
फायर ब्रिगेड पर भी सवाल, देर से पहुंची मदद
स्थानीय लोगों के अनुसार, फायर ब्रिगेड करीब आधे घंटे बाद पहुंची और शुरुआती गाड़ी में पानी तक नहीं था। बाद में 5 दमकल गाड़ियों ने आग पर काबू पाया।
पिता ने बचाई कई जानें, पर बेटा नहीं बच सका
दुखद घटना के बीच पिता अभिषेक जैन ने कई यात्रियों को बाहर निकालने में मदद की और मिले लाखों के जेवर पुलिस को सौंपे। लेकिन अपने बेटे को नहीं बचा सके।
शाजापुर का यह हादसा बस सुरक्षा व्यवस्था, तकनीकी जांच और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े करता है। एक मासूम की मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है।
