सर्वेयर ने किया था रिजेक्ट, फिर भी रात में हुआ भंडारण
जानकारी के अनुसार, आरबी एसोसिएट के सर्वेयरों ने जांच के दौरान पाया कि गेहूं में भारी नमी थी और अधिकांश अनाज सड़कर गुच्छों में बदल चुका था। इसे पूरी तरह अनुपयोगी मानते हुए पूरी खेप को फेल कर दिया गया और भंडारण से इनकार कर दिया गया। इसके बाद पंचनामा तैयार कर उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी गई थी।
रात 8 बजे की ‘चाल’: गैरमौजूदगी में उतारा गया सड़ा अनाज
सर्वेयरों की अनुपस्थिति का फायदा उठाते हुए शुक्रवार रात करीब 8 बजे पूरी सड़ी हुई खेप को वेयरहाउस के अंदर उतार दिया गया। सरकारी दर के अनुसार 2625 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से इस 800 बोरी गेहूं की कीमत करीब 10 लाख रुपए से अधिक आंकी जा रही है।
सीईओ बोले मुझे जानकारी नहीं, होगी जांच
मामले पर रामपुर बघेलान सहकारिता सीईओ मनोज गोनकर ने अनभिज्ञता जताई है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस तरह खराब गेहूं के भंडारण की जानकारी नहीं है। उन्होंने यह भी संभावना जताई कि बारिश के कारण अनाज खराब हुआ हो सकता है और पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।
सिस्टम पर सवाल, जांच की मांग तेज
इस घटना ने समर्थन मूल्य खरीदी प्रणाली और वेयरहाउस प्रबंधन की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय स्तर पर मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग उठ रही है।
