घटना उस वक्त सामने आई जब गुरुवार शाम करीब 5:25 बजे यूपी-112 पर एक 14 वर्षीय बच्चे ने रोते हुए कॉल कर मदद मांगी। उसने बताया कि उसकी छोटी बहन को चाची हीटर से जला रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत गांव पहुंची, जहां 14, 11, 9 और 4 साल के चार बच्चे मौजूद मिले।
पुलिस के पहुंचते ही बच्चों ने अपने शरीर पर पड़े घाव दिखाए और आरोप लगाया कि उनके माता-पिता की मौत के बाद वे चाचा-चाची के साथ रह रहे हैं, लेकिन यहां उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जाता है। बच्चों ने कहा कि खाना मांगने पर बेल्ट से पिटाई की जाती है और कई बार हीटर से जलाया जाता है। पीठ, हाथ, हथेली, जांघ और सिर पर चोटों के निशान देख पुलिस भी स्तब्ध रह गई।
स्थानीय ग्रामीणों ने भी बच्चों के आरोपों की पुष्टि की। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चे अक्सर प्रताड़ना की शिकायत करते थे, लेकिन डर के कारण कोई खुलकर सामने नहीं आता था।
वहीं, पूछताछ में चाची ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि बच्चे स्कूल नहीं जाते और उन्होंने चोरी की थी, जिसके कारण उन्हें डांटा-पीटा गया। हालांकि पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है।
मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने बच्चों की स्थिति देखते हुए उन्हें भोजन और जरूरी सामान उपलब्ध कराया। अधिकारियों ने चाची को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि बच्चों के साथ किसी भी तरह की अमानवीयता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डीसीपी पूर्वी ने बताया कि मामले की जांच जारी है और दोबारा शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल बच्चों को सुरक्षा में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
