नई दिल्ली। गाजियाबाद के पटेलनगर इलाके में शनिवार तड़के उस समय हड़कंप मच गया जब एक तीन मंजिला एयर कंडीशनर सर्विस सेंटर में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। आग के साथ-साथ एसी के कंप्रेसर और गैस सिलेंडरों में जोरदार धमाके होने लगे, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
स्थानीय लोगों के मुताबिक तड़के करीब 3 बजे सर्विस सेंटर से तेज धमाकों की आवाजें आने लगीं। लोग घरों से बाहर निकले तो देखा कि इमारत से ऊंची-ऊंची आग की लपटें और घना धुआं निकल रहा था। धमाकों की आवाज इतनी तेज थी कि आधे घंटे तक लगातार सुनाई देती रही, जिससे आसपास के लोग डर के मारे सुरक्षित स्थानों पर चले गए।
सर्विस सेंटर में उस रात एक 80 वर्षीय बुजुर्ग कर्मचारी रखवाली के लिए मौजूद थे। बताया जा रहा है कि आग लगने के बाद वह बाहर नहीं निकल सके और अंदर ही फंस गए। फायर ब्रिगेड की टीम जब मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया, तब तक बुजुर्ग की जिंदा जलकर मौत हो चुकी थी। उनकी पहचान त्रिलोकीनाथ के रूप में हुई है।
आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की कुल 8 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, जिन्होंने करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। लेकिन तब तक स्थिति काफी भयावह हो चुकी थी। इमारत के अंदर घना धुआं भरा हुआ था और कई एसी यूनिट पूरी तरह जलकर राख हो चुकी थीं।
इस हादसे में केवल एक व्यक्ति की जान ही नहीं गई, बल्कि भारी आर्थिक नुकसान भी हुआ है। आग की चपेट में आकर कुल 12 वाहन जल गए, जिनमें 2 कारें और 10 बाइक शामिल हैं। टिन शेड तक तेज धमाकों के कारण उड़कर सड़क पर गिर गए, जिससे हालात और भी खतरनाक हो गए।
फायर विभाग के अधिकारियों के अनुसार, आग लगने की सूचना करीब 2:40 बजे मिली थी। सूचना मिलते ही वैशाली, साहिबाबाद और मोदीनगर से अतिरिक्त दमकल गाड़ियां भी बुलाई गईं। शुरुआत में अंदर जाना बेहद मुश्किल था क्योंकि लगातार ब्लास्ट हो रहे थे और धुआं बहुत ज्यादा था।
सीएफओ राहुल पाल ने बताया कि आग बेहद भीषण थी और अंदर का तापमान बहुत अधिक था, जिसके कारण ऑपरेशन में काफी कठिनाई आई। हालांकि टीम ने बहादुरी दिखाते हुए रेस्क्यू और कूलिंग ऑपरेशन पूरा किया।
इस दर्दनाक हादसे ने इलाके में शोक और दहशत का माहौल बना दिया है। स्थानीय लोग प्रशासन से सुरक्षा मानकों की जांच और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।
