मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अब उत्तर प्रदेश में नौकरी पाने के लिए किसी सिफारिश या अनैतिक दबाव की जरूरत नहीं पड़ती है और पूरी भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से डिजिटल प्रणाली के माध्यम से की जा रही है। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों में भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार और पक्षपात के आरोप लगते थे, लेकिन वर्तमान सरकार ने चयन आयोगों को जवाबदेही के साथ काम करने की व्यवस्था दी है, जिससे निष्पक्ष भर्ती सुनिश्चित हो रही है।
सीएम योगी ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में राज्य में 9 लाख से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरी दी गई है। उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में लगातार नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं और यह चौथा बड़ा कार्यक्रम है, जिसमें हजारों युवाओं को अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि योग्य और प्रतिभाशाली युवाओं को बिना किसी भेदभाव के अवसर मिले, जिससे प्रदेश की विकास गति और तेज हो।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश अब पिछड़े राज्य की छवि से बाहर निकलकर एक मजबूत अर्थव्यवस्था और निवेश का केंद्र बन चुका है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश आ रहा है, उद्योगों की संख्या बढ़ी है और प्रति व्यक्ति आय में भी वृद्धि हुई है। सीएम योगी ने कहा कि अब यूपी को कोई बीमारू राज्य नहीं कहता, बल्कि यह देश की अर्थव्यवस्था का इंजन बन रहा है।
कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने भी इस मौके पर सरकार की नीतियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों में भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठते थे, लेकिन अब पूरी व्यवस्था पारदर्शी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि पिछले नौ वर्षों में 14 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया और 7.5 लाख से अधिक को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने स्किल डेवलपमेंट योजनाओं और नए तकनीकी ट्रेड्स के विस्तार का भी उल्लेख किया।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चयनित अभ्यर्थियों से ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य करने की अपील की और कहा कि उनकी मेहनत ही प्रदेश के विकास की असली ताकत बनेगी।
