यह मामला इटावा निवासी ज्योति सिंह का है, जो लंबे समय से बच्चेदानी में बड़ी फाइब्रॉइड गांठ की समस्या से जूझ रही थीं। अत्यधिक रक्तस्राव और गंभीर पेट दर्द के कारण उनकी दिनचर्या प्रभावित हो चुकी थी। कई निजी अस्पतालों में उन्हें बच्चेदानी निकालने की सलाह दी गई थी, लेकिन आर्थिक कारणों से वे उपचार नहीं करा पा रही थीं।
इसके बाद उन्होंने सिविल अस्पताल हजीरा में संपर्क किया। यहां प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. प्रशांत नायक के मार्गदर्शन में विशेषज्ञ टीम ने विस्तृत जांच के बाद ऑपरेशन की योजना बनाई। सर्जरी के दौरान डॉक्टरों ने सावधानीपूर्वक बड़ी फाइब्रॉइड गांठ को सफलतापूर्वक हटा दिया और बच्चेदानी को सुरक्षित रखा।
इस जटिल ऑपरेशन को सफल बनाने में डॉ. राहुल श्रीवास्तव और डॉ. अनुपम कुलश्रेष्ठ सहित पूरी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पूरी प्रक्रिया विशेषज्ञ निगरानी में पूरी तरह सुरक्षित तरीके से संपन्न की गई।
डॉक्टरों की इस उपलब्धि से न केवल मरीज को नई जिंदगी मिली, बल्कि सरकारी अस्पतालों की सेवाओं पर लोगों का भरोसा भी मजबूत हुआ है। मरीज और उनके परिजनों ने अस्पताल स्टाफ और डॉक्टरों का आभार जताते हुए कहा कि यहां बेहतर इलाज और समर्पित सेवाएं मिलना सराहनीय है।
अस्पताल प्रशासन ने भी आम लोगों से अपील की है कि वे आधुनिक सुविधाओं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम का लाभ उठाएं, क्योंकि यहां कई जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए जा रहे हैं।
