नगर निगम ने इस बार पहले से योजना बनाकर काम शुरू किया है, लेकिन कई जगहों पर स्थिति अब भी स्पष्ट नहीं है। पिछले अनुभवों को देखते हुए प्रशासन इस बार समय रहते समाधान करने की कोशिश कर रहा है, ताकि सड़क निर्माण कार्य बीच में न रुके।
कंठाल-सतीगेट चौड़ीकरण मार्ग पर दो प्रमुख मंदिर प्रभावित हो रहे हैं। योजना के अनुसार हनुमान मंदिर को पीछे की ओर स्थानांतरित किया जाएगा, जबकि गणेश मंदिर के लिए आसपास किसी नई उपयुक्त जगह की तलाश की जा रही है। हालांकि, स्थान चयन को लेकर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
इसके साथ ही कंठाल क्षेत्र में नाले के ऊपर बने एक मंदिर को लेकर स्थानीय स्तर पर विवाद भी सामने आया है। स्थानीय निवासी अरविंद मैदावाला ने संभागायुक्त को आवेदन देकर अतिक्रमण की स्थिति स्पष्ट करने और प्रशासन की योजना पर जानकारी मांगी है।
इसी तरह बियाबानी चौड़ीकरण मार्ग पर भी एक मंदिर को शिफ्ट करने की तैयारी की गई है, जिसके लिए पास में ही नया स्थान चिन्हित किया गया है। ढाबारोड क्षेत्र में चल रहे चौड़ीकरण में भी श्रीनाथजी की हवेली का हिस्सा प्रभावित हो रहा है, जिस पर अभी अंतिम निर्णय लंबित है।
प्रशासन का मानना है कि यदि समय रहते मंदिरों की शिफ्टिंग पूरी नहीं हुई, तो सड़क चौड़ीकरण कार्य प्रभावित हो सकता है। इसका असर आगामी बड़े आयोजन सिंहस्थ पर भी पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
कुल मिलाकर, विकास कार्य और धार्मिक संरचनाओं के संतुलन को बनाए रखना इस समय नगर निगम के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है।
