झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति, प्रोफेसर (डॉ.) मुकेश पांडे को शिक्षा, नवाचार और अनुसंधान के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित ‘एसटीई डॉ. प्रलॉय ओ. बसु लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान ‘सेव द एनवायरनमेंट’ (STE) संस्था द्वारा उनके उस दूरदर्शी नेतृत्व को मान्यता देने के लिए प्रदान किया गया है, जिसके माध्यम से उन्होंने शैक्षणिक गुणवत्ता को सुदृढ़ करने, स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने और अनुसंधान की संस्कृति को विकसित करने में एक अग्रणी भूमिका निभाई है। उनके प्रयासों के फलस्वरूप विश्वविद्यालय के शैक्षणिक मानकों और राष्ट्रीय रैंकिंग में जो प्रभावशाली सुधार हुए हैं, उन्हें संस्था ने शिक्षा जगत के लिए अत्यंत प्रेरणादायक बताया है।
यह पुरस्कार झाँसी स्थित आईसीएआर-केंद्रीय कृषि वानिकी अनुसंधान संस्थान (ICAR-CAFRI) में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन (FESCBT-2026) के दौरान प्रदान किया गया। ‘पर्यावरण स्थिरता, जलवायु प्रबंधन और जैव प्रौद्योगिकी में अग्रणी विषय’ पर केंद्रित इस सम्मेलन का आयोजन 22-23 अप्रैल, 2026 को पृथ्वी दिवस के उपलक्ष्य में किया गया, जिसकी थीम “हमारी शक्ति, हमारा ग्रह” रखी गई थी। यह महत्वपूर्ण आयोजन ‘सेव द एनवायरनमेंट’ और ‘आईसीएआर-केंद्रीय कृषि वानिकी अनुसंधान संस्थान’ के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ, जिसमें देश भर के पर्यावरणविदों और वैज्ञानिकों ने शिरकत की।
पुरस्कार समारोह के अवसर पर संस्था की अध्यक्ष डॉ. क्षिप्रा मिश्रा और महासचिव चंदा बसु द्वारा प्रो. पांडे की उपलब्धियों की सराहना की गई। इस सम्मान ने न केवल प्रोफेसर पांडे के व्यक्तिगत समर्पण को प्रमाणित किया है, बल्कि बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के गौरव को भी राष्ट्रीय पटल पर बढ़ाया है। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित विशेषज्ञों ने उनके द्वारा विश्वविद्यालय में किए गए ढांचागत और गुणवत्तापूर्ण बदलावों को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक मील का पत्थर बताया।
