उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच कई जिलों में पैदा हुए बिजली संकट को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग और पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में आम जनता, किसानों, व्यापारियों और उद्योगों को बिजली की कमी का सामना न करना पड़े।
सीएम योगी ने कहा कि बढ़ती गर्मी और बिजली की मांग को देखते हुए पूरी आपूर्ति व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जाए और फील्ड स्तर तक मॉनिटरिंग को मजबूत किया जाए। उन्होंने ऊर्जा विभाग को संवेदनशीलता और तत्परता के साथ काम करने के निर्देश दिए।सीएम योगी ने कहा कि बढ़ती गर्मी और बिजली की मांग को देखते हुए पूरी आपूर्ति व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जाए और फील्ड स्तर तक मॉनिटरिंग को मजबूत किया जाए। उन्होंने ऊर्जा विभाग को संवेदनशीलता और तत्परता के साथ काम करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने बिजली उत्पादन इकाइयों की अधिकतम क्षमता के उपयोग पर जोर दिया और कहा कि सभी संयंत्रों में तकनीकी दक्षता और मेंटेनेंस व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाए, ताकि उत्पादन में कोई बाधा न आए। अधिकारियों ने बताया कि राज्य में बिजली उत्पादन क्षमता बढ़कर 13,388 मेगावाट हो गई है, जिसमें तापीय और जल विद्युत परियोजनाएं शामिल हैं।
इसके अलावा संयुक्त उपक्रमों और गैर पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों से भी हजारों मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। सीएम ने कहा कि प्रदेश की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए ट्रांसमिशन नेटवर्क को और अधिक मजबूत और आधुनिक बनाया जाए, ताकि बिजली आपूर्ति में कोई व्यवधान न हो।
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि ट्रांसमिशन और वितरण व्यवस्था की लगातार निगरानी हो और तकनीकी खराबियों को न्यूनतम रखा जाए। उन्होंने साफ कहा कि ट्रांसफॉर्मर फेल होना, फीडर बाधित होना या शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
सीएम योगी ने फीडर-वाइज जवाबदेही तय करने के निर्देश देते हुए कहा कि पूरी बिजली व्यवस्था को उपभोक्ता केंद्रित और पारदर्शी बनाया जाए, ताकि लोगों को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली मिलती रहे।
