झांसी। पांच वर्ष पूर्व मोंठ थाना क्षेत्र के ग्राम बुढ़ावली में ग्रामीण को रास्ते में घेरकर मारपीट करने और जान से मारने की नीयत से बंदूक से फायर कर घायल कर देने वाले एक आरोपी पर न्यायालय में सुनवाई के दौरान दोष सिद्ध हो गया है। इसकी सजा पर 19 मार्च को फैसला सुनाया जाएगा। वही इस मामले में दो अन्य आरोपितों को न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार यादव की अदालत ने साक्ष्य के आभाव में दोष मुक्त कर दिया।
अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे एडीजीआई क्राइम तेज सिंह गौर ने जानकारी देते हुए बताया कि 15 जून 2020 को ग्राम बुढ़ावली निवासी पवन ने मोंठ थाना में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि उसके पिता 14 जून की रात अपने भतीजे की शादी में खाना खाकर देर रात करीब साढ़े नौ बजे अपने घर लौट रहे थे। तभी रास्ते में पुरानी रंजिश के चलते कृष्ण गोपाल उर्फ हरीश, हरीश शंकर उर्फ मोंटी, शिव शंकर उर्फ बबलू निवासी ग्राम बुढ़ावली और इनका एक साथी भूरे उर्फ भूपेंद्र निवासी जरिया हमीरपुर ने उन्हें घेर लिया। लाठी डंडों से मारपीट कर बंदूक से जान से मारने की नीयत से फायर कर दिया। जिससे एक गोली उसके पिता के हाथ में लग गई।
शोर शराबा सुनकर वह अपने पिता को बचाने पहुंचा तो उसके साथ भी मारपीट की। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपितों को जेल भेजते हुए न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। न्यायालय में चल रही मुक़दमे की सुनवाई के दौरान एक आरोपित कृष्ण गोपाल की मृत्यु हो गई थी। आरोपित भूरे उर्फ भूपेंद्र की ओर से पैरवी अधिवक्ता विवेक कुमार वाजपेई,और आरोपी हरीश शंकर उर्फ मोंटी तथा शिव शंकर उर्फ बबलू की ओर से पैरवी अधिवक्ता राजा राम तिवारी कर रहे थे। सुनवाई के दौरान आज न्यायालय ने साक्ष्य के आभाव में आरोपी भूरे उर्फ भूपेंद्र और शिव शंकर उर्फ बबलू को दोष मुक्त कर दिया है। वही आरोपी हरीश शंकर उर्फ मोंटी पर अपराध 307, 506 का दोष सिद्ध हो गया है। न्यायालय ने दोषी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इसकी सजा पर 19 मार्च को फैसला सुनाया जाएगा।
