झांसी। समाजसेवी के साथ धोखाधड़ी कर लाखों रूपए हड़पने के आरोपी को अग्रिम जमानत नहीं मिल सकी,उसका जमानत प्रार्थना पत्र जिला सत्र न्यायाधीश कमलेश कच्छल के न्यायालय में निरस्त कर दिया गया।
जिला शासकीय अधिवक्ता मृदुल कांत श्रीवास्तव ने बताया कि वादी मुकदमा संदीप सरावगी ने 21 दिसंबर 2025 को थाना नवाबाद में तहरीर दी थी कि करीब दो वर्ष पूर्व जीतू मालखेड़े निवासी-पुणे महाराष्ट्र,शशांक श्रीवास्तव निवासी पंचवटी नियर फिल्टर क्रासिंग, थाना-कोतवाली झाँसी व विशाल अग्रवाल निवासी आवास विकास कालोनी, सीपरी बाजार, झाँसी एवं उनके तीन अज्ञात साथियों से मुलाकात हुई। उन लोगों ने बताया कि वह लोग क्रिप्टो करेन्सी का व्यापार करते हैं, जिसका झांसी में जीवनशाह के निकट एक होटल में सेमिनार आयोजित कर रहे हैं। उक्त सेमिनार में वादी व परिचित अतुल वर्मा, प्रमेन्द्र सिंह सहित कई लोग गये, जहाँ उन लोगों ने क्रिप्टो करेन्सी के व्यापार के संबंध में विस्तार से बताया और कहा कि आप लोग 100 डॉलर इन्वेस्ट करते हैं तो आपको प्रतिमाह 20 डॉलर पन्द्रह माह तक मिलेंगे और आपका रूपया पन्द्रह माह में तीन गुना हो जायेगा। दूसरे दिन वादी के कार्यालय पर जीतू मालखेड़े, शशांक श्रीवास्तव एवं विशाल अग्रवाल आये और पन्द्रह माह में रूपये तीन गुना मिलने का प्रलोभन दिया। उनकी बातों पर विश्वास कर जीतू मालखेड़े, शशांक श्रीवास्तव के कहने पर 15, 75,000 रूपये का केनरा बैंक का चेक विशाल अग्रवाल को दिया, इसके अतिरिक्त वादी के साथ उपस्थित लोगों ने भी कुछ रूपये नकद व ऑन लाइन उक्त लोगों को दिये थे।
इन दोनों के साथ मौके पर 4-5 अन्य व्यक्ति भी मौजूद थे। करीब एक वर्ष बीत जाने पर एक भी रूपया वापस नहीं हुआ। तो वादी ने उक्त लोगों से अपने रूपये वापस मांगे, किन्तु आज तक कोई रूपया वापस नहीं किया। बाद में जानकारी हुई कि यह लोग अन्य लोगों से भी ठगी कर चुके हैं। रूपये वापस मांगने पर उन लोगों ने वादी से गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी दी और कहा कि हमारे उच्चाधिकारियों से अच्छे संबंध है, हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। उक्त लोगों का एक संगठित गिरोह है, जो लोगों से इस प्रकार की धोखाधड़ी व जालसाजी करके रूपये हड़प लेते है। तहरीर के आधार पर थाना नवाबाद में धारा 406,504,506/34 भा०दं०सं० के अन्तर्गत अभियुक्त शशांक श्रीवास्तव,दो अन्य सहअभियुक्त व तीन अज्ञात व्यक्तियों के विरूद्ध पंजीकृत किया गया।
उक्त मामले में अभियुक्त शशांक श्रीवास्तव द्वारा प्रस्तुत प्रथम अग्रिम जमानत प्रार्थनापत्र न्यायालय ने निरस्त कर दिया।
