चालू टैक्स के साथ पुराने बकाए और ब्याज की रकम भी जोड़ी, पार्षद ने की बिल वापस लेने की मांग
झांसी। नगर निगम की गृहकर वसूली व्यवस्था एक बार फिर चर्चा में है। झांसी में करीब 60 साल पुराने हनुमान मंदिर के नाम वित्तीय वर्ष 2026-27 का 976 रुपये का गृहकर बिल जारी किया गया है। बिल में चालू वर्ष के टैक्स के साथ पुराने बकाए और ब्याज की रकम भी जोड़ दी गई है। मंदिर के नाम गृहकर का बिल देखकर पुजारी ने इसकी जानकारी क्षेत्रीय पार्षद को दी। इसके बाद पार्षद ने नगर निगम से बिल वापस लेने की मांग उठाई है।
मामला वार्ड नंबर 20 के गुदरी मोहल्ले में बड़ागांव गेट क्षेत्र स्थित हनुमान मंदिर का है। नगर निगम की ओर से जारी बिल में भवन के नाम वाले स्थान पर स्पष्ट रूप से ‘हनुमान जी का मंदिर’ लिखा गया है। इसके बाद मंदिर के नाम गृहकर निर्धारित किए जाने को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
98 रुपये चालू टैक्स, 878 रुपये बकाया और ब्याज
नगर निगम के बिल के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मंदिर का चालू गृहकर 98 रुपये निर्धारित किया गया है। इसके अलावा 784 रुपये पुराना बकाया और 94 रुपये ब्याज के रूप में जोड़े गए हैं। इस तरह कुल 976 रुपये जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। बिल में पुराने बकाए और ब्याज की रकम शामिल होने से मामला चर्चा में आ गया है।
2018 से दिखाया गया कर निर्धारण
बिल में मंदिर का कर निर्धारण एक अप्रैल 2018 से दर्शाया गया है, जबकि स्थानीय स्तर पर मंदिर करीब छह दशक पुराना बताया जा रहा है। ऐसे में मंदिर के नाम कर निर्धारण और पुराने बकाए की गणना को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मंदिर के पुजारी ने बिल मिलने के बाद पार्षद को इसकी जानकारी दी। पार्षद ने नगर निगम से बिल वापस लेने की मांग करते हुए मामले पर पुनर्विचार करने को कहा है। अब यह देखना होगा कि नगर निगम इस गृहकर बिल और बकाए की गणना की जांच कर क्या निर्णय लेता है।
