झांसी। ₹30 के स्टाम्प ने अरबों की जमीन निगल ली। एसएसपी आवास से चंद कदम दूर इलाहाबाद बैंक चौराहे पर भू-माफिया ने सिस्टम को नंगा कर दिया। सिविल लाइन की 2 हेक्टेयर बेशकीमती जमीन। मालिक मरा नहीं कि फर्जी वसीयत तैयार। ₹30 के कागज पर अरबों की पुश्तैनी जमीन का सौदा कर डाला।
वादी एसडी राघवेन्द्र कुमार राघवेन्द्र पालीवाल की FIR ने पर्दा फाड़ दिया। आरोप है – कूटरचित वसीयत बनाई, फर्जी रजिस्ट्री कराई, दाखिल-खारिज भी करा लिया। कब्जा जमा लिया। धारा 420, 467, 468, 471 में 17 लोगों पर केस दर्ज। नेविल रौनी डिक्क, रवि राय, संजय राय, आशुतोष राय, अमित सिंह, शैली राय, नरेन्द्र कौशिक, मयूर अग्रवाल, सुमित राय, रजत गुप्ता, ऋषभ राय, संजय निगम, फिरदौस पी. भागलिया, विनोद कुमार प्रजापति, फर्रुख पेस्टनजी, मोना हाण्डा नामजद।
नकली गवाह, फर्जी दस्तावेज, रजिस्ट्री ऑफिस की मिलीभगत – हर परत से सड़ांध आ रही है। राजस्व का पूरा तंत्र कठघरे में है। SSP आवास के बगल में ये खेल हुआ तो सोचो बाकी शहर का क्या हाल होगा। जमीन के कागज अब खुद अपनी हिफाजत करें। पुलिस जांच में जुटी है। पर सवाल बड़ा है – ₹30 के फर्जी स्टाम्प पर अरबों की जमीन लुट गई ?
