चित्रकूट। बेसिक शिक्षा विभाग के तहत कार्यरत शिक्षामित्रों के मानदेय में बढ़ोतरी को लेकर गोरखपुर और चित्रकूट में आयोजित कार्यक्रम में बड़ा ऐलान किया गया। इस मौके पर राज्य मंत्री जल शक्ति विभाग रामकेश निषाद ने दावा किया कि सरकार ने शिक्षामित्रों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा कर दिया है।
कार्यक्रम का आयोजन गोरखपुर के योगीराज बाबा गंभीर नाथ प्रेक्षागृह एवं सांस्कृतिक केंद्र में किया गया, जहां मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी देखा गया। इस अवसर पर प्रदेश के 1.43 लाख शिक्षामित्रों के मानदेय को 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 18 हजार रुपये प्रतिमाह किए जाने की घोषणा पर खुशी जताई गई।
जनप्रतिनिधियों ने इसे सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया।
कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों ने इसे सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया। अविनाश चंद्र द्विवेदी, अशोक जाटव और अन्य नेताओं ने कहा कि शिक्षामित्र वर्षों से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे थे, जिसे अब पूरा किया गया है।
रामकेश निषाद ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षामित्र देश के भविष्य निर्माण में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह वही वर्ग है जो ग्रामीण और प्राथमिक शिक्षा की नींव को मजबूत करता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि सरकार ने शिक्षा व्यवस्था में बड़े सुधार किए हैं, जिसमें ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ जैसे कार्यक्रम शामिल हैं।
कई नेताओं ने उनके योगदान की सराहना की।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि कोरोना काल के दौरान भी शिक्षामित्रों ने बच्चों की पढ़ाई को जारी रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इस दौरान कई नेताओं ने उनके योगदान की सराहना की।
पूर्व सांसद आरके सिंह पटेल ने इस मौके पर कहा कि सरकार को आगे भी मानदेय बढ़ाने पर विचार करना चाहिए, ताकि शिक्षामित्रों को और अधिक राहत मिल सके। वहीं भैरो प्रसाद मिश्रा ने कहा कि उन्होंने पहले भी संसद में इस मुद्दे को उठाया था।
बेसिक शिक्षा अधिकारी बीके शर्मा ने जानकारी दी कि प्रदेश में लगभग 1352 शिक्षामित्र कार्यरत हैं और बढ़े हुए मानदेय का लाभ अप्रैल माह से उनके खातों में भेजा जा चुका है।
शिक्षामित्रों में खुशी का माहौल देखा गया।
कार्यक्रम में शिक्षामित्रों को प्रतीकात्मक चेक देकर सम्मानित भी किया गया और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आयोजित की गईं। पूरे आयोजन को सरकार की बड़ी उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत किया गया, जबकि शिक्षामित्रों में खुशी का माहौल देखा गया।
