झांसी में हुआ लोकतंत्र सेनानी द्वार का लोकार्पण
झांसी। लोकतंत्र सेनानी द्वार का लोकार्पण करने आए विधान परिषद के सभापति ने कहा जो आज संविधान की कॉपी हाथ में लेकर घूम रहे उन्होंने ही लोकतंत्र की सबसे पहले हत्या की थी। साथ ही उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों के स्वतंत्रता के लिए राष्ट्रहित में किए गए संघर्ष की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित किया।

शनिवार को रानी लक्ष्मी बाई पार्क में विधान परिषद सदस्य रामतीर्थ सिंघल की विधायक निधि से तैयार किया गया लोकतंत्र सेनानी द्वार का शुभारंभ करने झांसी आये विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने द्वार का लोकार्पण किया। इसके बाद उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जो आज जगह जगह हाथ में संविधान की कॉपी लेकर बांट रहे उन्होंने ही सबसे पहले लोकतंत्र की हत्या की थी और इमरजेंसी लगाई थी।

उन्होंने अपने कॉलेज के दिनों में किये गए सत्याग्रह को याद करते हुए बताया कि जिस दिन सत्याग्रह के लिए जाना था उस दिन मुझे सूचना आई कि अब केवल मुझे ही गिरफ्तार होना है। जो हमारे मन में था वे संघ के संस्कार थे। संघ की जो मंशा थी वह किया गया। हमारे लोकतंत्र सेनानियों ने कष्ट सहे। उन्होंने बताया कि जेल से ही लॉ फाइनल की परीक्षा दी। जो जेल में थे और परिवार चलाने के लाले पड़े थे वे तकिए में मुंह छुपाकर रो लेते थे। हालांकि अब देश में आपातकाल जैसी स्थिति नहीं आएगी। जिला जेल से सेंट्रल जेल बरेली भेजा गया। उन्होंने बताया कि सोच थी कि सेंट्रल जेल भी देख लिया जाए।

इस दौरान भाजपा के जिलाध्यक्ष सुधीर सिंह, एमएलसी रामतीर्थ सिंघल मौजूद रहे। सम्मानित होने वाले लोकतंत्र सेनानियों में बरिष्ठ पत्रकार रामसेवक अड़जरिया, गिरीश चंद्र सक्सेना, वीरन कुमार साहू, श्रीराम हुण्डैत, ,राजेंद्र पटसारिया, घासीराम राजपूत, सहित दर्जनों लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र कार्यवाह अनिल श्रीवास्तव, विभाग प्रचारक मनोज,जिला पंचायत अध्यक्ष पवन गौतम, महानगर अध्यक्ष सुधीर सिंह,अध्यक्ष जिला सहकारी बैंक जयदेव पुरोहित, पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा अरिदमन सिंह,संजय दुबे , सौरभ ठाकुर, नितिन राव, नितिन कुशवाहा पार्षद, जेई आर ई एस यशवंत यादव,गौरव श्रीवास्तव, गोविन्द सिंह यादव, डाॅ प्रियंका साहू, आदर्श गुप्ता, लखन कुशवाहा, सुनील नैनवानी, भरत सैन आदि उपस्थित रहे।
