पिछले 24 घंटों में रवाना हुए अंतिम ट्रैवल ग्रुप
आईसीसी के अनुसार पिछले 24 घंटों के भीतर दक्षिण अफ्रीका के बचे हुए 29 सदस्य और वेस्टइंडीज के 16 सदस्य फ्लाइट से अपने-अपने देशों के लिए रवाना हो गए। इसके साथ ही खिलाड़ियों और स्टाफ की घर वापसी से जुड़ा एक जटिल और चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन पूरा हो गया। आईसीसी ने कहा कि मिडिल ईस्ट में जारी तनाव की वजह से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन में कई बाधाएं आई थीं, जिससे खिलाड़ियों की यात्रा योजनाओं में लगातार बदलाव करना पड़ा।
क्रिकेट बोर्ड और स्टाफ का जताया आभार
आईसीसी ने इस पूरी प्रक्रिया में सहयोग के लिए Cricket South Africa और Cricket West Indies का आभार जताया। परिषद ने अपने स्टाफ की भी सराहना की, जिन्होंने खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ और उनके परिवारों की सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम किया। आईसीसी ने कहा कि इस चुनौतीपूर्ण समय में सभी संबंधित एजेंसियों और क्रिकेट बोर्डों के बीच बेहतर तालमेल के कारण ही यह ऑपरेशन सफल हो सका।
पहले भी कुछ खिलाड़ी लौट चुके थे
आईसीसी ने इससे पहले बुधवार को जानकारी दी थी कि दक्षिण अफ्रीका के चार खिलाड़ी और उनके परिवार के पांच सदस्य पहले ही अपने देश के लिए रवाना हो चुके थे। वहीं बाकी 29 सदस्य अगले 24 घंटों के भीतर यात्रा करने वाले थे। इसी तरह वेस्टइंडीज टीम के नौ सदस्य पहले ही कैरिबियन के लिए रवाना हो गए थे, जबकि बाकी 16 खिलाड़ियों ने भारत से उड़ान भरने के लिए अपनी फ्लाइट बुक कर ली थी।
मिडिल ईस्ट संकट से प्रभावित हुई हवाई यात्रा
खिलाड़ियों की घर वापसी में देरी की मुख्य वजह खाड़ी क्षेत्र में चल रहा संकट रहा। इस स्थिति के कारण अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा में बड़े पैमाने पर व्यवधान पैदा हुआ। कई देशों ने सुरक्षा कारणों से अपना एयरस्पेस अस्थायी रूप से बंद कर दिया था। इसके अलावा मिसाइल अलर्ट, उड़ानों के रूट में बदलाव, और कमर्शियल तथा चार्टर फ्लाइट्स के अचानक स्थगित होने या रीशेड्यूल होने जैसी समस्याओं के कारण भी यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
कई एजेंसियों के समन्वय से संभव हुआ ऑपरेशन
आईसीसी की ऑपरेशन और लॉजिस्टिक्स टीमों ने इस चुनौतीपूर्ण स्थिति में कई एजेंसियों के साथ मिलकर काम किया। परिषद ने बताया कि सरकारों, एयरलाइंस, चार्टर सेवा प्रदाताओं, एयरपोर्ट अथॉरिटीज और सदस्य क्रिकेट बोर्डों के साथ लगातार समन्वय किया गया। हालात के अनुसार यात्रा योजनाओं में बदलाव किए गए ताकि खिलाड़ियों और स्टाफ को सुरक्षित तरीके से उनके देशों तक पहुंचाया जा सके।
आईसीसी ने बताई सीमाएं
आईसीसी ने यह भी स्पष्ट किया कि यात्रा से जुड़ी कई समस्याएं उसके नियंत्रण से बाहर थीं। वैश्विक स्तर पर पैदा हुई सुरक्षा और लॉजिस्टिक चुनौतियों के कारण उड़ानों के संचालन में अचानक बदलाव हो रहे थे। इसके बावजूद परिषद ने सभी संबंधित पक्षों के साथ मिलकर खिलाड़ियों की सुरक्षित वापसी को प्राथमिकता दी और अंततः सभी सदस्यों को सुरक्षित घर भेजने में सफलता हासिल की।
