तीन छोड़िए सात वर्ष के बाद भी न बन सका बुन्देलखंड राज्य

बुनिमो ने बुदेलखंड के सासंदों व विधायकों को भेजा ज्ञापन

झाँसी : बुन्देलखंड निर्माण मोर्चा अध्यक्ष भानू सहाय के नेतृत्व में 3 के स्थान 7 वर्ष बीतने के बाद भी पृथक बुन्देलखण्ड राज्य न बनाने के चलते प्रधानमंत्री को उनका वायदा याद दिलवाया गया। साथ ही बुन्देलखंड क्षेत्र के सभी सांसदों व विधायकों को जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन भेजा।

ज्ञापन में कहा गया कि पृथक बुन्देलखंड राज्य निर्माण कराये जाने के लिए आंदोलन लम्बे समय से किया जा रहा है। हर बुंदेली हृदय से अपना राज्य एवं राजधानी ओरछा बनवाना चाहता है। लोकसभा 2014 के चुनाव में झाँसी-ललितपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने बुन्देलखंड राज्य 3 साल के भीतर बनवा देने का वादा जनता से किया था। 3 साल की जगह 7 साल पूरे हो चुके हैं। लेकिन, राज्य बनना तो दूर इसको लेकर कोई पहल ही नहीं हुई।

बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने सात जनपदों क्रमशः झाँसी, बाँदा, जालौन, हमीरपुर, ललितपुर, चित्रकूट एवं महोबा को मिलाकर बुन्देलखंड विकास बोर्ड का गठन किया है। इसी प्रकार मध्य प्रदेश सरकार ने सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, दमोह, पन्ना, दतिया एवं निवाड़ी को मिलाकर बुन्देलखंड विकास प्राधिकरण का गठन किया है।

इन्हीं समस्त जिलों को बुन्देलखंड मानकर केंद्र सरकार ने बुन्देलखंड पैकेज दिया था। इन क्षेत्रों के साथ लहार, पिछोर, करेरा, गोहांड, चंदेरी, गंजबासौदा, कटनी, सतना का चित्रकूट आदि क्षेत्रों को जोड़कर अखंड बुन्देलखंड राज्य का निर्माण किया जाना चाहिये। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि शीघ्र ही अखंड बुन्देलखंड राज्य का गठन कर एवं राजधानी ओरछा बनाकर अपना वादा पूरा कीजिये।

सासंदो और विधायकों से किया अनुरोध

अखंड बुन्देलखंड क्षेत्र के सभी सांसदों एवं विधायकों से ज्ञापन के माध्यम से अनुरोध किया कि आगामी सत्र में राज्य निर्माण की माँग को पटल पर रखें साथ ही प्रधानमंत्री, गृहमंत्री एवं अपने दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष को पत्र लिख कर बुन्देलखंड राज्य शीघ्र बनाये जाने की बुंदेलियों की भावना से अवगत कराएं अन्यथा सड़क पर उनका विरोध किया जाएगा।

ये रहे उपस्थित

ज्ञापन भेंट करने वालों में रघुराज शर्मा, उत्कर्ष साहू, कुंवर बहादुर आदिम, गिरजा शंकर राय, रसीद कुरैशी, कलम कुरैशी, गोलू ठाकुर, अनिल कश्यप, प्रभुदयाल कुशवाहा, बीआर निषाद बट्टागुरु आदि उपस्थित रहे।

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