जेब में एक रुपया कैश के बिना भी प्राॅपर्टी की रजिस्ट्री सम्भव

मोबाइल से खाताधारक को पांच सौ रुपये तक ऑनलाइन स्टाम्प निकालने की सुविधा

झाँसी : स्वतन्त्र प्रभार राज्यमंत्री स्टाम्प तथा न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन विभाग रविन्द्र जायसवाल ने गुरुवार को सर्किट हाउस सभागार में जनपद की विभागीय समीक्षा करते हुये कहा कि जनता के लिये संचालित समस्त जन उपयोगी योजनाओं का लाभ जनता तक अवश्य पहुंचना चाहिए। क्रेता-विक्रेता व जनता के प्रति मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुये मृदु व्यवहार करें। कार्यालय आने वालों को समस्त सुविधायें उपलब्ध हों।

राज्यमंत्री ने कहा कि उप्र स्टाम्प पंजीयन विभाग डिजीटल क्षेत्र में पूरे भारतवर्ष में नम्बर वन पर है। विभाग द्वारा रजिस्ट्री करने से पूर्व क्रेता-विक्रेता को आनलाइन समय निर्धारित किया जाता है। इससे उस समय पर आने से भीड़ से बचे रहते हैं। इसके साथ ही प्रापर्टी में प्रयुक्त स्टाम्प को ई-स्टाम्प कर सकते हैं। कभी भी ई-स्टाम्प को घर बैठे सुबह-शाम या रात को जमा कर सकते हैं और रजिस्ट्री हो जायेगी।

राज्यमंत्री ने कहा कि आनलाइन सर्किट रेट भी साइड पर है, जिसे क्रास चेक कर सकते हैं। क्रेता-विक्रेता दस्तावेज लेकर पहुंचे। वहां आपकी रजिस्ट्री हो जायेगी। निबन्धन शुल्क भी आनलाइन जमा करने की सुविधा है। उन्होंने बताया कि जेब में एक रुपया कैश न होने के बाद भी आनलाइन प्रापर्टी क्रय कर सकते हैं।

जल्द ही घर बैठे सम्पत्ति का बारहसाला चेक किया जा सकेगा

उन्होंने कहा कि जल्द ही उप्र में आनलाइन सम्पत्ति का बारहसाला चेक किया जा सकेगा। सारे रिकार्ड का डिजीटलीकरण किया जा रहा है। क्रेता सम्पत्ति खरीदने से पहले घर बैठे ही सम्पत्ति की जांच कर सकता है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन के दौरान 10, 20 तथा 100 रुपये के स्टाम्प मिलने में समस्या रही थी। परन्तु अब विभाग द्वारा कोई भी व्यक्ति जिसका बैंक खाता है, वह मोबाइल के माध्यम से 500 रुपये तक के स्टाम्प आनलाइन निकाल सकता है। उसे वेन्डर्स के पास नहीं जाना होगा।

राज्यमंत्री ने जनपद में वादों के निस्तारण पर संतोष व्यक्त किया। जनपद में 304 दायरा के सापेक्ष 303 निस्तारण वाद है। समीक्षा दौरान उन्होंने स्टाम्प डयूटी निबन्धन शुल्क को बढ़ाये जाने के निर्देश दिये। नवम्बर 2020 से मार्च 2021 तक जनपद को प्राप्त न्याय शुल्क 158.29 लाख रुपये है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं की हड़ताल से शुल्क प्रभावित न हो यह अवश्य सुनिश्चित कर लिया जाये। वसूली समीक्षा करते हुये उन्होंने कहा कि 355 आरसी के सापेक्ष 5 करोड़ 29 लाख वसूली की जानी है। अभी 01 करोड़ 20 लाख के लगभग है, इसे बढ़ाया जाये।

इस मौके पर जिलाधिकारी आन्द्रा वामसी, अपर जिलाधिकारी राम अक्षयवर चौहान, सहायक महानिरीक्षक निबन्धन प्रवीण सिंह, विवेक कुमार श्रीवास्तव, सुश्री शबाना बेगम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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