भोपाल। मध्यप्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। प्रदेश में दो ट्रफ लाइन और एक साइक्लोनिक सिस्टम के एक्टिव होने से मजबूत वेदर सिस्टम बन गया है, जिसका असर अगले 72 घंटे तक देखने को मिलेगा। बुधवार को राज्य के दक्षिणी और उत्तरी हिस्सों के करीब 10 जिलों में कहीं आंधी-बारिश हुई तो कहीं बादल छाए रहे। बालाघाट में करीब 1 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई।
36 जिलों में आंधी-बारिश, 3 जिलों में ओलावृष्टि का खतरा
मौसम विभाग ने गुरुवार को भोपाल, इंदौर और ग्वालियर समेत 36 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं सिवनी, मंडला और बालाघाट में ओले गिरने की संभावना जताई गई है। प्रदेश के अन्य इलाकों में भी हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं।
तेज हवाओं के साथ 3 दिन तक रहेगा असर
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले तीन दिनों तक 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। यह सिस्टम धीरे-धीरे पूरे मध्यप्रदेश को कवर करेगा। 19 और 20 मार्च को इसका असर सबसे ज्यादा रहेगा, जबकि 22 मार्च से मौसम साफ होने लगेगा। तापमान में गिरावट के चलते कई जिलों में हल्की ठंडक भी महसूस की जा रही है।
मार्च में पहली बार ओले, किसानों की चिंता बढ़ी
इस सीजन में मार्च महीने में पहली बार ओलावृष्टि का अनुमान है। खासकर सिवनी, मंडला और बालाघाट में दो दिन तक ओले गिर सकते हैं। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि फसलों को नुकसान होने की आशंका है।
पहले गर्मी, अब बदला मौसम का रुख
मार्च के पहले पखवाड़े में तेज गर्मी का असर देखने को मिला था, लेकिन दूसरे पखवाड़े में मौसम का मिजाज बदल गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, इस महीने पहली बार इतना स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हुआ है, जिसका असर लगातार तीन दिन तक बना रहेगा। पूरे प्रदेश में कहीं बारिश, कहीं आंधी-तूफान और कहीं बादल छाए रहने की स्थिति रहेगी।
अप्रैल-मई में लू के तेवर रहेंगे तेज
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस साल अप्रैल और मई में 15 से 20 दिन तक लू चल सकती है। मार्च के आखिरी सप्ताह से ही गर्म हवाओं का असर शुरू होने के संकेत हैं।
