जानकारी के अनुसार, कार में आगे की सीट पर बैठे सांवरिया सेठ जा रहे दो युवक जीवन की जंग हार गए। जबकि पीछे बैठे दो अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को ग्लोबल और अवंति अस्पताल, उज्जैन में भर्ती कराया गया।
राहगीर ने किया बचाव
हादसे के समय मौके पर भारी भीड़ थी, लेकिन किसी ने तुरंत मदद नहीं की। वहीं राहगीर नंद कुमार मिश्रा, जो ग्रेसिम कंपनी में इंजीनियर हैं, मौके पर पहुंचे और उन्होंने घायल युवकों की मदद की। उन्होंने बताया कि उन्होंने एक युवक को CPR देने की कोशिश की, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। इसके बाद उन्होंने दो युवकों के शव एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाए और घायल देवेंद्र को अपनी गाड़ी से ग्लोबल अस्पताल में भर्ती कराया।
घायल युवकों की स्थिति
घायलों में प्रवेश मारोठिया शामिल हैं, जिनके पैर में फ्रैक्चर आया है। वहीं देवेंद्र की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्रवेश के अंकल सुनील शर्मा को उनके भाई ने घटना की जानकारी दी। इसके बाद वे तुरंत अस्पताल पहुंचे और घायलों की जानकारी ली।
हादसे की वजह
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसा कार की अधिक रफ्तार और ट्रक के साथ नियंत्रण न होने के कारण हुआ। मार्ग पर मंगलवार सुबह काफी ट्रैफिक था, लगभग 20-25 वाहन खड़े थे।
प्रशासन की कार्रवाई
उज्जैन पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला दर्ज कर लिया है। हादसे की जांच की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हादसे की मुख्य वजह तेज गति या किसी अन्य चालक की लापरवाही थी।
इस हादसे ने उज्जैन-नागदा मार्ग पर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय प्रशासन को मार्ग पर सुरक्षा इंतजाम और दुर्घटना रोकने के उपाय तेज करने की जरूरत महसूस हो रही है।
