सूचना मिलते ही पुलिस बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंच गए। दोनों संस्थानों में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया और एहतियातन छात्रों और स्टाफ को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया। अभी तक किसी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक का पता नहीं चला है।
पिछले दो दिनों का पैटर्न भी चिंताजनक रहा। 17 मार्च को नापतोल विभाग को इसी तरह की धमकी मिली थी जिसमें सायनाइड गैस वाले सिलेंडरों का जिक्र था। इससे पहले एम्स भोपाल और पीपल्स यूनिवर्सिटी को भी बार बार धमकी वाले ई मेल प्राप्त हुए थे।
पुलिस और जांच एजेंसियों के अनुसार पिछले एक महीने में भोपाल में पांचवीं बार विभिन्न संस्थानों को बम धमकी मिली है। अब तक सभी धमकियां फर्जी साबित हुई हैं। कोई भी विस्फोटक नहीं मिला लेकिन हर बार सर्च ऑपरेशन इमारतें खाली कराना और आम जनता में दहशत फैलाना जैसी परेशानियां उत्पन्न होती हैं।
