बैठक में भोपाल दक्षिण-पश्चिम विधायक भगवानदास सबनानी, सांची विधायक प्रभुराम चौधरी, शमशाबाद विधायक सूर्यप्रकाश मीणा, नरसिंहगढ़ विधायक मोहन शर्मा और बैरसिया विधायक विष्णु खत्री उपस्थित रहे। अन्य जिलों के विधायक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
एसीएस शुक्ला ने पानी आपूर्ति, नल-जल योजना और जल जीवन मिशन की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि गर्मी के मौसम में नागरिकों को पर्याप्त पानी उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि समूह पेयजल योजनाओं को समय-सीमा में पूर्ण करना प्राथमिकता होनी चाहिए। शुक्ला ने कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों और विधायकों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखें और उनके द्वारा उठाए गए स्थानीय मुद्दों का तत्काल समाधान सुनिश्चित करें।
स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देते हुए शुक्ला ने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, स्कूलों और आंगनवाड़ियों की संचालन मॉनिटरिंग नियमित रूप से की जाए। किसी भी कमी या अनियमितता पाए जाने पर तुरंत कार्रवाई की जाए।
अधोसंरचना और नगरीय विकास के तहत, उन्होंने अमृत-2.0 योजना के निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि कार्य पूर्ण होने के बाद सड़कों और सार्वजनिक ढांचों को जीर्ण-शीर्ण अवस्था में न छोड़ा जाए। शहरों की बाहरी सीमाओं पर बहुद्देश्यीय विकास परियोजनाओं का निर्माण समयबद्ध तरीके से किया जाए ताकि शहरी विकास नियोजित रूप में हो।
बैठक में दोहरा प्रभार वाले अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए कि वे संबंधित कार्यस्थलों पर नियमित समीक्षा के लिए उपस्थित रहें और किसी प्रकार की बाधा रोकें। साथ ही, बांधों और अधिग्रहीत भूमि का शीघ्र नामांतरण संबंधित विभागों के नाम करने के निर्देश भी दिए गए।
एसीएस शुक्ला ने स्पष्ट किया कि शहरों के विकास और नागरिक सुविधाओं के सुचारू संचालन के लिए अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय अनिवार्य है। बैठक में सभी प्रतिनिधियों ने गर्मी के मौसम में पेयजल संकट और योजनाओं के क्रियान्वयन पर गंभीर ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
