जेल में कैदियों को बनाया जा रहा साक्षर, कई ने पाठ्यक्रमों में लिया प्रवेश

जिला कारागार में 171 बन्दी किये गए साक्षर

40 बन्दी विभिन्न पाठ्यक्रमों की कर रहे पढ़ाई

बंदियों को मुख्यधारा में लाने की जेल प्रशासन की कवायद

झांसी। उत्तर प्रदेश सरकार जिला कारागार के बंदियों को मुख्यधारा में लाने के लिए कई तरह के प्रयास किये जा रहे हैं। झांसी जेल में बंद कैदियों को साक्षर और शिक्षित बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों का असर साफ तौर पर दिखाई दे रहा हैं। जेल में बंद 246 कैदी ऐसे चिह्नित हुए जो पूरी तरह निरक्षर थे। इनमें से 171 बंदियों को निरक्षर से साक्षर किया गया है जबकि 40 बंदी ऐसे हैं, जो विभिन्न पाठ्यक्रमों की पढ़ाई कर रहे हैं।

 

कक्षा पांच में 6, कक्षा छह में 4, कक्षा आठ में 11 लोगों का, कक्षा नौ में 2, बीए में 1, बीए द्वितीय वर्ष में 1, एमए प्रथम वर्ष में 1 को प्रवेश दिलाया गया है। इग्नू के अंतर्गत चलने वाले कोर्स में बीए प्रथम वर्ष में 1 कैदी, बीए द्वितीय वर्ष में 1 कैदी, एमए प्रथम वर्ष में 1 कैदी ने प्रवेश लिया है। ह्यूमन रिसोर्स के सर्टिफिकेट कोर्स में 2 और फूड एंड न्यूट्रीशन सर्टिफिकेट कोर्स में 9 कैदी पढ़ाई कर रहे हैं। सरकारी शिक्षकों के साथ ही जेल में तैनात डिप्टी जेलर प्रकाश बंसल, सुरेश मिश्र, जयवीर सिंह चौहान की टीम भी कैदियों को पढ़ाते हैं।

 

झांसी जेल के वरिष्ठ जेल अधीक्षक विनोद कुमार के अनुसार जेल में निरुद्ध कुछ कैदी निरक्षर होते हैं, जबकि कुछ पढ़े लिखे होते हैं। अभी हमने प्रयास किया था कि उन्हें अक्षर ज्ञान दिया जाए। हमने 171 बंदियों को निरक्षर से साक्षर किया है। बहुत सारे बंदियों को विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिलाया गया है। हम लगातार प्रयास कर रहे हैं कि जो जिस शिक्षा के लिये उपयुक्त है, उन बंदियों को वह सुविधा निशुल्क उपलब्ध कराई जाए।

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