कृषक उत्पादक संघ की जिला स्तरीय बैठक में डीएम बोले जिले में कुल 42 कृषक उत्पादक संगठन लेकिन सक्रिय सिर्फ 4

उरई/जालौन (अनिल शर्मा)। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में कृषक उत्पादक संगठन की जिला स्तरीय बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में कर किसान उत्पादक संगठन की बैठक में समस्या एवं सुझाव पर चर्चा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

 

जिलाधिकारी ने कहा कि कृषक उत्पादक संगठन नीति से किसानों को रोजगार के अवसर मिलेंगे, इसके लिए जनपद में अधिक से अधिक कृषक उत्पादक संगठन को सक्रिय करें। जनपद में 42 कृषक उत्पादक संगठन है, जिसमें से मात्र 04 कृषक उत्पादक संगठन ही सक्रिय हैं, जिस पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए उप कृषि निदेशक को निर्देशित किया कि जनपद में कृषक उत्पादक संगठनों नीति 2020 के तहत व केन्द्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से अच्छादित कर सशक्त बनाएं।सरकार कृषि क्षेत्र को आकर्षक एवं लाभदायक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। लघु एवं सीमांत किसानों को संगठित कर उन्हें प्रोत्साहित किया जाए। किसानों को कृषि निवेशों की सामयिक उपलब्धता एवं नवीनतम तकनीकी का प्रयोग सिखाया जाए।

 

उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि प्रदेश के किसानों को कृषि निवेशों की व्यवस्था एवं नवीनतम तकनीकी से बेहतर मूल्य प्राप्त करने की उचित व्यवस्था की जाए। जिससे किसानों के लिए रोजगार के नए अबसर पैदा हो सके यह नीति किसानों से जुड़े सभी विभागों, संस्थाओं, कृषि, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य आदि विभागों की संचालित योजनाओं से लाभान्वित किया जाए।

 

उन्होंने कहा कि कृषक उत्पादक संगठन के गठन और संबर्धन के लिए योजना शुरू की है, जो किसानों को अपनी सौदेबाजी की शक्ति बढ़ाने, पैमाने की अर्थव्यवस्था का लाभ उठाने उत्पादन की लागत में कमी लाने और अपने कृषि उत्पादों के एकत्रीकरण के माध्यम से किसानों की आयु बढ़ाने में सक्षम बनाएगी, इस प्रकार स्थाई आय की दिशा में एक प्रमुख भूमिका निभाएंगी।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र कुमार श्रीवास, जिला विकास अधिकारी सुभाष चंद्र त्रिपाठी, उप कृषि निदेशक एसके उत्तम, जिला कृषि अधिकारी गौरव यादव आदि संबंधित अधिकारी सहित एफपीओ मौजूद रहे।

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