ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी Islamic Republic News Agency के मुताबिक ईरानी युद्धपोत IRIS Dena पर 4 मार्च 2026 को हमला किया गया था। यह हमला हिंद महासागर में Galle के समुद्री क्षेत्र के पास हुआ। हमले में जहाज पर सवार 104 ईरानी नौसैनिकों की मौत हो गई थी।
रिपोर्ट के अनुसार यह युद्धपोत भारत में आयोजित बहुराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास MILAN 2026 में हिस्सा लेने के बाद वापस ईरान लौट रहा था। उस समय जहाज किसी युद्ध अभियान में शामिल नहीं था। ईरान ने इसे “अनुचित और आक्रामक हमला” बताया है।
ईरानी सेना प्रमुख ने कहा कि IRIS डेना और उसके जवानों की कुर्बानी ईरानी नौसेना के इतिहास में हमेशा याद रखी जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान अपनी समुद्री सीमाओं की रक्षा के लिए नौसेना को और मजबूत करेगा और हमले के जिम्मेदारों को जवाब दिया जाएगा।
उधर युद्ध का असर खाड़ी देशों में भी दिखाई देने लगा है। सुरक्षा कारणों से Global Village Dubai में ईद के मौके पर होने वाली आतिशबाजी रद्द कर दी गई है और परिसर को अगली सूचना तक बंद कर दिया गया है। इसके अलावा Dubai Parks and Resorts और Ain Dubai को भी अस्थायी रूप से बंद किया गया है।
ईरान ने यह भी आरोप लगाया है कि Israel और अमेरिका के हमलों में उसके 56 ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों को नुकसान पहुंचा है। ईरान के संस्कृति मंत्रालय के अनुसार राजधानी Tehran में सबसे ज्यादा 19 ऐतिहासिक इमारतें प्रभावित हुई हैं, जबकि कुर्दिस्तान प्रांत में भी कई पुराने स्मारकों को नुकसान हुआ है।
इस बीच ईरान ने तेल व्यापार को लेकर भी नई शर्त सामने रखी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान कुछ तेल टैंकरों को Strait of Hormuz से गुजरने की अनुमति दे सकता है, लेकिन इसके लिए तेल का भुगतान अमेरिकी डॉलर की जगह चीनी मुद्रा Chinese Yuan में करने की शर्त रखी जा सकती है।
वहीं क्षेत्र में सुरक्षा खतरे अभी भी बने हुए हैं। Dubai में एक हवाई हमले की कोशिश को नाकाम कर दिया गया, जबकि Saudi Arabia में सेना ने 19 ड्रोन और एक बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही मार गिराने का दावा किया है। Bahrain में एहतियातन सायरन बजाए गए और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई।
मध्य पूर्व में बढ़ते इस सैन्य तनाव के चलते वैश्विक सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है।
