इस दौरान ट्रंप का गुस्सा केवल ईरान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने अमेरिकी मीडिया, विशेषकर ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ भ्रष्ट मीडिया संस्थान ईरान के झूठे दावों को बढ़ावा देकर यह दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि ईरान इस युद्ध में जीत रहा है। ट्रंप ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि जो भी मीडिया संगठन देश के खिलाफ ऐसी भ्रामक खबरें फैला रहे हैं, उन्हें ‘राजद्रोह’ का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में धमकी दी कि ऐसे संगठनों के लाइसेंस रद्द किए जा सकते हैं, क्योंकि वे सरकार द्वारा दी गई फ्री एयरवेव्स का इस्तेमाल अमेरिका के खिलाफ झूठ फैलाने के लिए कर रहे हैं।
ईरान और इजराइल-अमेरिका के बीच जारी यह संघर्ष अब वैश्विक संकट का रूप ले चुका है। गौरतलब है कि 28 फरवरी को इजराइल और अमेरिका ने ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों पर हमला किया था, जिसके बाद ईरान ने भी फारस की खाड़ी और पड़ोसी देशों पर जवाबी हमले शुरू कर दिए। इस युद्ध के कारण दुनिया भर में विमानन सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं और तेल निर्यात बाधित होने से ईंधन की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है। ट्रंप ने वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति बनाए रखने के लिए तेल पर निर्भर देशों से हॉर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा हेतु अपने युद्धपोत भेजने की अपील की है।
मौजूदा स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है क्योंकि इजराइल ने रविवार को भी ईरान पर अपने हमले जारी रखे। वहीं, बहरीन, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों ने अपने नागरिकों को मिसाइल हमलों के प्रति अलर्ट कर दिया है। ट्रंप ने यह साफ कर दिया है कि वे न केवल ईरान के सैन्य हमलों बल्कि उसके ‘सूचना युद्ध’ Information Warका भी पूरी ताकत से जवाब देंगे। राष्ट्रपति ने सीधे तौर पर लोकप्रिय टीवी शो ‘लेट नाइट मोरन्स’ और अन्य पत्रकारों को भी चेतावनी दी कि रेटिंग और पैसे के चक्कर में देश विरोधी एजेंडा चलाने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
