सलमा खान का असली नाम सुशीला चरक था और वह एक डोगरा राजपूत परिवार से ताल्लुक रखती थीं बताया जाता है कि जब सलीम खान अपने करियर के शुरुआती दौर में संघर्ष कर रहे थे तभी उनकी मुलाकात सलमा से हुई दोनों एक दूसरे के पड़ोस में रहते थे और अक्सर घरों की खिड़कियों से एक दूसरे को देखते थे धीरे धीरे यह नजरें मोहब्बत में बदल गईं
उस समय सलीम खान मुंबई में अपने सपनों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे थे आर्थिक स्थिति भी मजबूत नहीं थी लेकिन इन मुश्किल हालातों के बीच उन्हें सलमा का साथ मिला दोनों ने करीब पांच साल तक एक दूसरे को जाना समझा और आखिरकार 1964 में शादी करने का फैसला किया
यह शादी आसान नहीं थी क्योंकि यह एक इंटरफेथ मैरिज थी सलमा के पिता को शुरुआत में इस रिश्ते से आपत्ति थी उनकी चिंता धर्म को लेकर थी हालांकि सलीम खान ने उन्हें भरोसा दिलाया कि उनका रिश्ता आपसी समझ और सम्मान पर आधारित है और धर्म उनके बीच कभी दीवार नहीं बनेगा
आखिरकार परिवार की सहमति के बाद दोनों ने शादी कर ली और समय के साथ यह रिश्ता और मजबूत होता गया सलीम खान ने खुद एक इंटरव्यू में बताया था कि उनकी शादी को अब छह दशक से ज्यादा समय हो चुका है और उनके बीच कभी धर्म को लेकर कोई विवाद नहीं हुआ
शादी के बाद सलमा खान ने लाइमलाइट से दूर रहकर परिवार को संभालने का फैसला किया दोनों के चार बच्चे हुए जिनमें सलमान खान अरबाज खान सोहेल खान और अलवीरा खान शामिल हैं
यह प्रेम कहानी न सिर्फ बॉलीवुड की सबसे खूबसूरत कहानियों में से एक है बल्कि यह भी दिखाती है कि सच्चा रिश्ता धर्म और सामाजिक बंधनों से ऊपर होता है संघर्ष के दिनों में शुरू हुई यह मोहब्बत आज भी एक मजबूत और प्रेरणादायक रिश्ते के रूप में कायम है
