सरकार की ब्रीफिंग
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने डेली ब्रीफिंग में बताया कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें कंट्रोल फ्री (डीरेगुलेटेड) हैं और इन्हें तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) द्वारा तय किया जाता है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल के दाम 2 रुपये प्रति लीटर से ज्यादा बढ़ा दिए हैं।
एलपीजी सप्लाई बनी रहेगी
सुश्री शर्मा ने कहा कि देश में एलपीजी की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और कहीं भी गैस खत्म होने की स्थिति नहीं है। उत्पादन बढ़ाया गया है ताकि सप्लाई बेकार बनी रहे। हालांकि, उन्होंने माना कि भारत पूरी तरह ऊर्जा आत्मनिर्भर नहीं है और अभी भी आयात पर निर्भर है।
स्थिति संभालने के लिए 13,700 से ज़्यादा पन्नों के कनेक्शन दिए गए हैं, ताकि एलपीजी पर दबाव कम हो सके। पिछले एक हफ़्ते में 11,300 टन कोयले की सप्लाई एलपीजी की सप्लाई की गई है। इसके अलावा, करीब 7,500 कंज्यूमर एलपीजी से पन्नों की ओर शिफ्ट हो चुके हैं।
उन्होंने बताया कि घबराहट में गैस बुकिंग में कमी आई है और एक दिन में लगभग 55 लाख रीफिल बुकिंग हुई हैं। सरकार लगातार सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए नए सोर्स तलाश रही है और राज्यों से सख्त निगरानी और डिस्ट्रीब्यूशन में बाधा न आने की अपील की गई है।
ईरान से तेल खरीद और समुद्री सुरक्षा
सुश्री शर्मा ने ईरान से तेल खरीदने के सवाल पर कहा कि इस पर इंतज़ार कुछ भी कहना मुश्किल है। वहीं, पट्टन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि पिछले 24 घंटे में कोई समुद्री घटना नहीं हुई है। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के आसपास मौजूद 22 भारतीय जहाज और सभी नाविक सुरक्षित हैं।
अंतरराष्ट्रीय तनाव और घरेलू स्थिति
पश्चिम एशिया में तनाव और अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच सरकार ने यह संदेश दिया है कि साधारण पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर रखीं। वहीं, प्रीमियम पेट्रोल पर हुई मामूली बढ़ोतरी केवल उच्च ऑक्टेन वाले महंगाई पर असर डाल सकती है। सरकार के प्रयास यह सुनिश्चित करने के लिए हैं कि ऊर्जा आपूर्ति लगातार बनी रहे और घरेलू बाजार में किसी भी प्रकार की बढ़ोतरी न आए।
