सोने की कीमतों में हल्की बढ़त
खबर लिखे जाने तक दोपहर करीब 1:36 बजे एमसीएक्स पर अप्रैल डिलीवरी वाला सोना 361 रुपये यानी 0.22 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,62,150 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता नजर आया। सोने ने दिन की शुरुआत 1,62,799 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर से की थी, जो पिछले बंद भाव 1,61,789 रुपये से ज्यादा था। हालांकि बाद में वैश्विक बाजार से कमजोर संकेत मिलने के कारण इसकी कीमतों में कुछ गिरावट भी देखी गई।
मांग क्षेत्र बना 1.56–1.57 लाख का स्तर
विशेषज्ञों का मानना है कि 1,56,000 से 1,57,000 रुपये का स्तर सोने के लिए मजबूत मांग क्षेत्र बना हुआ है। विश्लेषकों के अनुसार यदि कीमतें इस स्तर से ऊपर बनी रहती हैं, तो मध्यम अवधि में सोने का तेजी वाला रुझान बरकरार रह सकता है। अगर सोना 1,65,000 रुपये के स्तर से ऊपर मजबूती से निकलता है, तो आगे चलकर 1,75,000 से 1,80,000 रुपये तक नई तेजी देखने को मिल सकती है।
चांदी में 5,900 रुपये से ज्यादा का उछाल
दूसरी ओर चांदी की कीमतों में सत्र के दौरान मजबूत तेजी दर्ज की गई। एमसीएक्स पर मई डिलीवरी वाली चांदी 5,911 रुपये यानी 2.20 प्रतिशत की बढ़त के साथ 2,74,402 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती नजर आई। चांदी ने 2,69,212 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार की शुरुआत की थी, जो इसके पिछले बंद भाव 2,68,491 रुपये से थोड़ा ज्यादा था। दिन के दौरान मजबूत खरीदारी के कारण इसकी कीमतों में तेजी और बढ़ गई।
वैश्विक बाजार में मिला-जुला रुख
वैश्विक बाजार में हालांकि सोने की कीमतों में हल्की गिरावट देखने को मिली। स्पॉट गोल्ड लगभग 0.2 प्रतिशत गिरकर 5,165.73 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स भी करीब 0.2 प्रतिशत गिरकर 5,171.40 डॉलर प्रति औंस पर रहे। वहीं स्पॉट सिल्वर लगभग स्थिर रहकर 85.82 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार करता दिखा।
पश्चिम एशिया तनाव का असर
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ गई है। ऐसे समय में निवेशक अक्सर सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख करते हैं, जिससे सोना और चांदी जैसी कीमती धातुओं की मांग बढ़ जाती है। पिछले कुछ दिनों में इसी वजह से इन धातुओं की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।
तेल और डॉलर के कारण कमजोर हुआ रुपया
इसी बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और डॉलर की मजबूती के कारण भारतीय मुद्रा Indian Rupee भी दबाव में आ गई। गुरुवार को रुपया अमेरिकी मुद्रा United States Dollar के मुकाबले करीब 0.3 प्रतिशत गिरकर 92.3575 के स्तर पर पहुंच गया, जो अब तक का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इससे पहले इसी सप्ताह रुपया 92.3475 के स्तर तक गिरा था, जिसे गुरुवार को पार कर दिया गया।
