नई दिल्ली : हाल ही में शेयर बाजार में सूचीबद्ध हुई चार कंपनियों के शेयर सोमवार को गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए। इन कंपनियों के आईपीओ की लॉक-इन अवधि खत्म होने के बाद बड़ी संख्या में शेयर बाजार में ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध हो गए, जिसके कारण शेयरों पर बिकवाली का दबाव बढ़ गया।
फ्रैक्टल एनालिटिक्स के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई। कंपनी के करीब 0.69 करोड़ शेयर, जो कुल इक्विटी का लगभग 4 प्रतिशत हैं, लॉक-इन से बाहर आकर ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध हो गए। इसके चलते कंपनी के शेयर करीब 4.35 प्रतिशत तक गिर गए।
दोपहर करीब 1:50 बजे कंपनी के शेयर 3.98 प्रतिशत की गिरावट के साथ 764.35 रुपये पर कारोबार करते नजर आए। यह शेयर अभी भी अपने आईपीओ प्राइस 900 रुपये से लगभग 12 प्रतिशत नीचे चल रहा है।
वहीं ऐ फाइनेंस के शेयरों में भी भारी बिकवाली देखने को मिली। कंपनी के शेयर करीब 7.42 प्रतिशत तक गिर गए, क्योंकि इसकी एक महीने की लॉक-इन अवधि समाप्त हो गई। लॉक-इन खत्म होने के बाद करीब 1.76 करोड़ शेयर, जो कंपनी की लगभग 7 प्रतिशत इक्विटी के बराबर हैं, बाजार में ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध हो गए।
पिछले पांच कारोबारी दिनों में कंपनी के शेयर 14.64 प्रतिशत गिर चुके हैं, जबकि एक महीने के दौरान निवेशकों को करीब 24.29 प्रतिशत का नकारात्मक रिटर्न मिला है।
इसी तरह पार्क मेडी वर्ल्ड के शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई। सोमवार को कंपनी के करीब 0.85 करोड़ शेयर, यानी लगभग 2 प्रतिशत इक्विटी लॉक-इन से बाहर आने के बाद इसके शेयर करीब 3.2 प्रतिशत तक गिर गए।
वहीं नेफ्रोकेयर हेल्थ सर्विसेज के शेयरों में भी गिरावट देखी गई। कंपनी के करीब 0.28 करोड़ शेयर, जो लगभग 3 प्रतिशत इक्विटी के बराबर हैं, 16 मार्च से ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध हो गए। इसके बाद कंपनी के शेयर करीब 2.8 प्रतिशत तक नीचे आ गए।
इस बीच नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट की एक रिपोर्ट के अनुसार हाल ही में आईपीओ लाने वाली 88 कंपनियों के प्री-लिस्टिंग निवेशकों की लॉक-इन अवधि 11 मार्च से 29 जून 2026 के बीच खत्म होने वाली है।
रिपोर्ट के मुताबिक इस अवधि के दौरान करीब 72 अरब डॉलर यानी लगभग 6.6 लाख करोड़ रुपये के शेयर बाजार में ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध हो सकते हैं। इससे आने वाले महीनों में बाजार की धारणा और कई शेयरों की चाल पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
