सार्वजनिक स्थान पर थूका तो होगी कार्रवाई

थूक से फैलती हैं सैंकड़ों बीमारियां
झांसी। कोरोना बीमारी को नियंत्रित करने के लिए सरकार अब सार्वजनिक स्थल पर थूकना अपराध मान रही है। वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय लगातार अपील कर रहा है कि सार्वजनिक स्थल पर न थूकें और एक जिम्मेदार नागरिक बनें। विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ थूक के संक्रमण से सैकड़ों बीमारियाँ फैलती हैं। लेकिन सवाल यह कि क्या शासन और प्रशासन की इस पहल से लोग सार्वजनिक स्थल पर थूकना छोड़ देंगे? इस मामले मंे विशेषज्ञों की अलग-अलग राय है।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरएस वर्मा का कहना कि बच्चे बड़ों से ही सीखते हैं। जब बड़े लोग सावर्जनिक स्थल पर थूकेंगे तो यही आदत बच्चे भी सीखेंगे। लोगों को अपनी आदत बदलनी होगी। गुटखा या तंबाकू की अधिकांश सामाग्री दक्षिण भारत के राज्यों में पैदा होती है लेकिन दीवारें यहां की रंगीन होती हैं। यूपी में कहीं भी थूक देने की एक आदत सी बन गई है। इसके लिए दृढ़संकल्प होने की अवश्यकता है। मजबूत इच्छाशक्ति से ही हम सावर्जनिक स्थल को थूक से बचा सकते हैं और कोरोना के वायरस फैलने से रोक सकते हैं। स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डॉ. विजयश्री शुक्ला ने कहा कि थूक से सभी तरह के वायरल, बैक्टीरियल संक्रमण फैलते हैं। इससे लोगों में सैकड़ों बीमारियां होने की आशंका बनी रहती है। कोरोना के अलावा टीबी, निमोनिया, बैक्टीरियल मेनिनजाइटिस, जुकाम, चेचक, पोलियो, डेंगू, पीलिया और कई तरह के चर्म रोग सिर्फ थूक से फैलता है। अक्सर लोग समझते हैं कि जब हम सड़क या नाली में थूकते हैं तो इससे कैसे बीमारी फैलेगी? लेकिन जब थूक जूते-चप्पल, मक्खी आदि से हमारे फर्श या स्पर्श वाले स्थान पर स्थानांतरित हो जाती है तो संक्रमण होना स्वाभाविक है।
कोरोना बनाम संक्रमण
कोई भी व्यक्ति तभी संक्रमित होता है जब वायरस मुंह, नाक और आंख के जरिये उसके शरीर में प्रवेश करता है और वहां वायरस सीधे नहीं पहुँचता। यह वायरस हांथों के जरिये ही मुंह और नाक तक पहुंचता है। आपके हांथ पर एक बार में लाखों वायरस बैठ सकते हैं। ऐसे में जरा सी भी चूक से वायरस मुंह में जा सकता है। इसलिए हाथ धोने की आदत डाल लें। न केवल कोरोना काल तक, बल्कि बाद तक भी इससे आप कई अन्य बीमारियों से भी बचे रहेंगे।
क्या है नियम
केंद्रीय गृह मंत्रालय की नई गाइडलाइंस के अनुसार सार्वजनिक स्थलों पर थूकने को आपदा प्रबंधन कानून के तहत दंडनीय अपराध बना दिया है। इसके साथ ही सार्वजनिक एवं कार्य स्थलों पर मास्क पहनना भी अनिवार्य कर दिया गया है। वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य विभिन्न माध्यमों से लगातार जागरूक कर रहा है कि सार्वजनिक स्थल पर न थूकें और एक जिम्मेदार नागरिक बनें। तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के जनपद सलाहकार डॉ. प्रतीक गुबरेले बताते है कि जिसप्रकार सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करना कानूनी अपराध था उसी तरह कोविड-19 के समय में सार्वजनिक स्थान पर थूकना अपराध की श्रेणी में आता है। इसके लिए 200 रूपय तक का जुर्माना और सजा का प्रावधान रखा गया है।

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