राग रागनियों व तंत्र वाद्य की प्रस्तुति पर श्रोता भाव विभोर हो उठे

गुरसरांय। वसन्त पंचमी पर विद्या की देवी संगीत की अदिष्ठात्री मां सरस्वती के प्राकट्य दिवस पर मां शारदा संगीत विद्यालय में भारतीय परम्परा के अनुसार राग रागनियों एवं तंत्र वाद्य की प्रस्तुति पर श्रोता भाव विभोर हो उठे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रवक्ता पं शिवकुमार तिवारी ने कहा कि बसंत पंचमी पर प्रकृति भी अपना नव रूप बदलकर नव चेतना का संदेश देती है। मैहर घराने के संगीत गुरु पं परशुराम पाठक के शिष्यों ने भारतीय वाद्य यंत्रों का पूजन किया। इसके बाद प्रशांत मिश्रा आदि ने सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की रचित सरस्वती वंदना वीणा वादिनी वर दे से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। वैष्णवी पाठक ने सितार पर राग यमन प्रस्तुत किया। इसके बाद राग बसंत में छोटा ख्याल प्रस्तुत किया। नेहा पटेल ने राग भूपाली में गायन किया। भारती कटारे ने बसंत गीत दिन ललित बसन्ति आन लगे प्रस्तुत किये। इस मौके पर रामप्रिया शरण मिश्रा, रामसुमिरन मिश्रा, ओमप्रकाश मिश्रा, हेमंत, शिवकुमार, मुकुट बिहारी तिवारी, जानकी शरण त्रिपाठी, विवेक चतुर्वेदी, परमेश्वरी दयाल तिवारी, मनोज यादव, अबधेश मिश्रा आदि उपस्थित रहे।

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