बुन्देलखण्ड की जल सहेलियां देश में ही नहीं विदेश में प्रख्यात: निखिल

झांसी। समाज में महिला के अधिकारों के प्रति जागरूकता हो चुकी है, महिलाओं के द्वारा अपने हक की लडाई लडी जा रही है। आज बुन्देलखण्ड की जल सहेलियां देश में ही नहीं विदेश में भी प्रख्यात है। भारत उन देशों में से एक है जहां पर महिलाऐं प्रधानमंत्री एवं राष्ट्रपति रही है। उक्त विचार परमार्थ समाज सेवी संस्थान के द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर राजकीय संग्रहालय सभागार में महिला सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित मुख्य विकास अधिकारी निखिल फुण्डे ने व्यक्त किये।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही नगर निगम की पूर्व महापौर किरन राजू बुकसेलर ने कहा कि जब हमें झांसी को आजाद बनाये रखने के लिए अंग्रेजों से लडाई लडनी थी तब झांसी रानी लक्ष्मी बाई ने लडाई लडी थी वैसे ही आज हमारी लडाई जल संकट से है जिसके लिए झंासी की हर वीरागंना को लड़ना होगा। हमें अपनी आत्मशक्ति और बढाना होगा, जल सहेलियों के द्वारा जो कार्य किये जा रहे है वो सर्वोपरि है। आज पूरा विश्व जलवायु परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है जिसके कारण दुनिया भर के विशेषज्ञ कह रहे है कि अगर तृतीय विश्व युद्ध होगा तो वह पानी पर होगा। विशिष्ठ अतिथि एनसीसी हेड रश्मि सेंगर ने कहा कि हमें परेशानियों से घबराना नहीं चाहिए बल्कि उनका डटकर सामना करना चाहिए, आज बुन्देलखण्ड को ऐसी ही महिलाओं की आवश्यकता है जो इस बुन्देलखण्ड की बंजर जमीन में पानी ला सकती है। वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता कुन्ती हरीराम के द्वारा सम्मेलन कोे सम्बोधित करते हुए कविता के माध्यम से महिलाओं की समाज में महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि समाज ने प्रकृति से लेना सीखा कभी देना नही सीखा जिसके कारण आज हमें विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड रहा है। राष्ट्रीय पोषण मिशन की कृति जैन ने कहा कि बुन्देलखण्ड जैसे जल संकट ग्रस्त क्षेत्र में जो आपने कार्य किया है। वह अतुल्यनीय है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने कार्य के साथ अपने पोषण का भी ख्याल रखना चाहिए क्योंकि जब हम स्वस्थ्य होंगे तभी यह सब कार्य कर सकते है। जल जन जोड़ो अभियान की राज्य समन्वयक शिवानी सिंह ने कहा कि अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस एक दिन मनाने वाला उत्सव नहीं है हमें इसकों हर दिन मनाना चाहिए। सम्मेलन में पदाधिकारियों के द्वारा मानपुर की गीता देवी, ककडारी की रानी देवी, म्याउ की सावित्री, रजवान की लक्ष्मी देवी, चन्द्रापुर की पुष्पा देवी, बण्डा की मीरा देवी, राधापुर की राम देवी, सिमरावारी की मीरा को जल समृद्धि पुरूस्कार से सम्मानित किया गया। इस दौरान सिद्धगोपाल, संध्या सिंह, चाइल्ड लाइन काॅर्डिनेटर अमरदीप बमोनिया, सत्यम चतुर्वेदी, महताब, हिमांशु विमल, सोनिया पस्तोर, उत्कर्ष राठौर, विश्वविद्यालय के छात्र, छात्राऐं, ललितपुर एवं झांसी जनपद की जल सहेलियां उपस्थित रही।

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