नगर के दर्जन भर वार्डों में पेयजल की किल्लत,जिले में भी पानी का संकट

झांसी। गर्मी का मौसम बुन्देलखण्ड के लिए खासी पीड़ा लेकर आता है। यहां गर्मी का सीजन आते ही पेयजल की किल्लत बढ़ जाती है। जिले का भी कुछ यही हाल है। पूरे महानगर के करीब दर्जन भर वार्डों में पेयजल के संकट से लोग जूझ रहे है। सत्तारुढ़ दल के नेता और विपक्ष के लोग भी इसके लिए लगातार आवाज उठा रहे हैं। प्रशासन भी लोगों तक पानी पहंुचाने का हर साल की तरह प्रयास कर रहा है। लेकिन हालात हर साल की तरह ही हैं।
नगर के वार्ड 29 नैनागढ़ दक्षिणी, वार्ड 6 नैनागढ़ द्वितीय, वार्ड 24 भगवंतपुरा, लक्ष्मी गेट, परवारान,बंग्ला घाट, हजरयाना, सुभाष गंज आंशिक, चैधरयाना आंशिक, गणेश मडिया, वासुदेव,ओरछा गेट,कसाई मंडी,मदकखाना खुशीपुरा,बिजौली आदि क्षेत्रों में पेयजल का विकट संकट छाया हुआ है। इस संबंध में भाजपा के पार्षद किशोरी रायकवार ने चैराहों पर प्याऊ लगवाने की मांग बीते दिनों कार्यकारिणी की बैठक में भी उठाई थी। अन्य पार्षद भी इस बात को नगर निगम प्रशासन के सामने रख चुके हैं। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पंचायत चुनाव समिति केन्द्रीय सदस्य डाॅ सुनील तिवारी ने बीते रोज कान्फ्रेंस में झांसी सहित पूरे बुन्देलखण्ड अंचल में पेयजल आपूर्ति का संकट बढने पर चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने कहा कि झांसी जिले के शहरी क्षेत्रों में पाइप लाइन में लीकेज के चलते, पाइप लाइन के पानी में पूर्ति के सापेक्ष प्रेशर ना होने के कारण, उपभोक्ता तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है ।
बबीना से आता है पानी
डा. सुनील तिवारी ने कहा कि बबीना के वाॅटर प्यूरीफायर प्लांट का पानी जब झांसी आता है, तो जल निगम की पानी छोडने की लाॅक बुक और जल संस्थान की पेयजल प्राप्ति की लाॅक बुक में अन्तर देखने को मिलता है । साथ ही साथ शहरी क्षेत्रों में पेयजलापूर्ति के लिए टैंकर भी पानी की टंकी से ही भरे जा रहे, जबकि इन टैंकरों को भरने के लिए अन्य जल स्त्रोतों को उपयोग में लाया जाना चाहिए।

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