जिले में कोरोना की रफ्तार और मरने वालों की संख्या चैकाने वाली

169 पर पहुंचा आंकड़ा,मरने वालों की संख्या हुई 16
झांसी। विश्वव्यापी कोरोना का कहर देश में थमने के स्थान पर दिनोंदिन रफ्तार पकड़ता नजर आ रहा है। देशव्यापी लॉकडाउन के अनलॉक होने के बाद से बुन्देलखण्ड की हृदयस्थली वीरांगना नगरी में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या में जो तेजी आई है वह चैकाने वाली है। यही नहीं संक्रमण की न केवल रफ्तार बढ़ी है बल्कि अब तक पूरे बुंदेलखंड के सभी जनपदों से ज्यादा जिले में 16 संक्रमितों की मौत भी हो चुकी है। ये आंकड़े जिले के लोगों को चैकाने और सावधान करने के लिए काफी हैं। हालांकि लोग लाॅकडाउन में ढील मिलने के बाद से नियमों को ताक पर रखकर अपनी जान की परवाह किए बगैर ही बेवजह भीड़ लगाए देखे जा सकते हैं।
देश में शुरू हुए कोरोना संक्रमण के शुरूआती दिनों में जिले को काफी सुरक्षित माना जा रहा था। काफी समय तक यहां कोई संक्रमित नहीं मिला था लेकिन 27 अप्रैल को पहला मामला नगर के ओरछा गेट से एक 59 वर्षीय महिला के रुप में सामने आया। इसके बाद मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ परंतु संक्रमण की रफ्तार काबू में रही और 12 मई को जिला कोरोना मुक्त घोषित कर दिया गया था। यह खुशखबरी जनपद में ज्यादा दिनों तक नहीं टिक सकी। महज 10 दिन बाद ही 22 मई को कोरोना ने गुरुग्राम से लौटे एक युवक के रुप में जिला मुख्यालय से करीब 60 किमी की दूरी पर वापसी कर दी। अनलॉक होने के बाद तो हालत इतनी खराब हुई कि रविवार देर रात आयी संदिग्ध नमूनों की जांच में से अब तक की सबसे बड़ी संख्या के रुप में 21 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आयी है।
अब तक 16 की हो चुकी मौत
जिले में अब कुल मरीजों की संख्या 169 हो गयी। इनमें से 65 संक्रमित ठीक हो चुके हैं। जिले में सक्रिय मरीजों की संख्या 85 हो गयी है। प्रवासी श्रमिकों के आगमन के बाद जहां बाहरी इलाकों में संक्रमण बढ़ रहा था वहीं 22 मई के बाद से महानगर के भीतर संक्रमितों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। पिछले 10 दिनों में यह संख्या तेजी से बढ़ी है। इतना ही नहीं पूरे बुंदेलखंड में कोरोना से होने वाली मौतों का सवार्धिक आंकडा भी झांसी में ही है। यहां संक्रमण से अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है ।
ये है बुन्देलखण्ड के सभी जनपदों का आंकड़ा
जालौन में कुल मरीजों की संख्या तो 168 है लेकिन मरने वालों की संख्या सात है। बांदा में कोरोना मरीजों की संख्या 39 लेकिन इसके कारण कोई मौत नहीं हुई है। हमीरपुर में कुल मरीज 70 हैं और दो की मौत हुई है। महोबा में कुल मरीज 54 हैं। जबकि यहां एक की मौत हुई है। चित्रकूट में कुल मरीजों की संख्या 92 है और कोरोना संक्रमण से दो लोगों की जान गयी है। संक्रमितों की संख्या के हिसाब से सवार्धिक सुकून देने वाले आंकडे ललितपुर जिले के हंै जहां कुल संक्रमितों की संख्या मात्र सात है। लेकिन दो लोगों की मौत हो चुकी है और सक्रिय मरीजों की संख्या पांच है।
आंकड़ों के लिए सीएमओ ने जनता को ठहराया दोषी
कोरोना की बढ़ती रफ्तार के बारे में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमओ) डा. जी के निगम से जब सोमवार को बात की गयी तो उन्होंने महानगर में कोरोना पॉजिटिव की संख्या में वृद्धि के लिए सीधे सीधे लोगों की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया। डा.निगम ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग दिन रात कोरोना संक्रमण की रफ्तार पर नियंत्रण करने के लिए काम कर रहा है लेकिन लोग अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहे हैं। सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क लगाने के नियम की लोग पूरी तरह से अनदेखी कर रहे हैं और इसी का नतीजा है कि कोरोना संक्रमण की रफ्तार जिले में तेजी पकड़ रही है।
जनता और प्रशासन दोनों लापरवाह
नगर में संक्रमण की स्थिति लगातार भयावह होती जा रही है। महानगर में अनलॉक के पहले चरण के लागू होने के बाद सोशल डिस्टेंसिंग और चेहरे को मास्क से ढ़कने के नियमों की अनदेखी की जा रही है। इसके इतर कहीं न कहीं प्रशासन भी इसके लिए कड़ाई बरतने को उत्सुक नजर नहीं आ रहा है। बाजारों में और भीड़ भरे इलाकों में पुलिस या निगरानी टीमों की अनुपस्थिति इन नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों को और बल दे रहीं है। इसका परिणाम जिले के लोगों के सामने है कि बुन्देलखण्ड के सभी जिलों में सर्वाधिक मौतें केवल झांसी में ही हुई हैं।

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