झाँसी : फर्जी आरटीओ को जेल से नहीं मिल सकी रिहाई

झाँसी : फर्जी आरटीओ बनकर साथियों सहित अवैध रूप से वसूली के मामले में जिला कारागार में बंद आरोपियों को जेल से रिहाई नहीं मिल सकी। उनके जमानत प्रार्थना पत्र विशेष न्यायाधीश सुयश प्रकाश श्रीवास्तव की अदालत में शुक्रवार को निरस्त कर दिये गये।

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ज्ञान स्वरूप पिंटू राजपूत के अनुसार 26 फरवरी 2021 को वह अपनी बस में सवारी लेकर मऊरानीपुर से झाँसी आ रहा था। दोपहर में बरियावर तिराहा पहुंचे थे। वहां पर खड़े तीन लोगों ने बस को रुकवाया और अपने आप को आरटीओ बताते हुए कहने लगे कि तुम्हारी बस में सवारी ओवर लोड हैं। इसका 10 हजार रुपया जुर्माना भरना पड़ेगा। यदि तुम 2000 दोगे तो हम यही पर निपटा देंगे। यह लोग एक-दूसरे को गुफरान खान, आदिल और धीरेन्द्र कहकर बुला रहे थे। हमने गुफरान को 2000 रुपये दिये।

इसके बाद तीनों स्विफ्ट डिजायर कार में बैठकर चले गये। कार के सामने नम्बर प्लेट पर आरटीओ विशेष जांच लिखा था। 27 फरवरी 2021 को मुखबिर की सूचना पर बरियाबेर चौराहे से रानीपुर जाने वाली सड़क पर अभियुक्तों को पकड़ा गया। गुफरान के पास 2100, आदिल से 685 व धीरेन्द्र सिंह से 1240 रुपये बरामद हुये। डिजायर कार भी बरामद हुई।

उक्त मामले में धारा- 419, 420, 170, 467, 468, 471 के तहत थाना-मऊरानीपुर में मुकदमा दर्ज किया गया था। जिला कारागार में बंद अभियुक्त आदिल और गुफरान का जमानत प्रार्थना पत्र भी निरस्त कर दिया गया।

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