प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठा मुद्दा, जांच की मांग तेज
इस विवाद ने तब जोर पकड़ा जब पूर्व क्रिकेटर आकिब जावेद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलकर इस मुद्दे को उठाया और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) से जांच की मांग की। वहीं, मेडिकल पैनल से जुड़े विशेषज्ञ डॉ. जावेद मुगल ने भी इस मामले में गंभीर सवाल उठाए हैं।
चोट की गंभीरता के बाद मैं सामने
सूत्रों के अनुसार, T20 विश्व कप के बाद जब बाबर आजम की विस्तृत जांच हुई, तो उनकी चोट पहले बताई गई तुलना में ज्यादा गंभीर निकले। इसी वजह से उन्होंने नेशनल T20 कप से दूरी बनाई। दूसरी ओर, फखर जमान भी लंबे समय से फिटनेस समस्याओं से जूझ रहे थे, लेकिन इसके बावजूद उन्हें टीम में जगह मिली।
फिजियो की भूमिका पर उठने वाला सवाल
इस पूरे मामले में टीम के फिजियो क्लिफ डीकन की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है। चयन समिति का कहना है कि उन्होंने केवल उन खिलाड़ियों को चुना जिन्हें फिजियो से फिटनेस क्लीयरेंस मिली थी।
हालांकि, क्लिफ डीकन पर आरोप है कि वह पहले भी देर चोट से जूझ रहे खिलाड़ियों को खेलने की अनुमति देते रहे हैं। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या फिटनेस क्लीयरेंस देने में सेहतमंद रही?
पीसीबी जांच करेगा, हो सकती है कार्रवाई
अब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने इस पूरे मामले की जांच करने का फैसला किया है। जांच के बाद ही यह साफ हो जाएगा कि क्या वास्तव में अनफिट खिलाड़ियों को विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में उतारा गया था। अगर आरोप सही साबित होते हैं, तो बोर्ड से संबंधित अधिकारियों और मेडिकल स्टाफ के खिलाफ सख्त कदम उठा सकता है।
आगे का कार्यक्रम और नजरें पीएसएल पर
फिलहाल बाबर आजम नेशनल क्रिकेट अकादमी में रिहा कर रहे हैं और जल्द ही मैदान पर वापसी की तैयारी में हैं। माना जा रहा है कि वह पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) में पेशावर जाल्मी की कप्तानी करते नजर आएंगे। अब सबकी नजर PCB की जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जो पाकिस्तान क्रिकेट के इंडिपेंडेंट वर्क और फिटनेस मैनेजमेंट की सच्चाई सामने ला सकती है।
