पुलिस के मुताबिक सुमित तलरेजा अपनी पत्नी पंखुड़ी तलरेजा के साथ थाने पहुंचे और घटना की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 29 अक्टूबर को वे अपने घर पर मौजूद थे। इसी दौरान उनका पुराना परिचित प्रशांत करौसिया अपने तीन साथियों अंशए सुमित खरे और विशाल बौरासी के साथ वहां पहुंच गया। आरोप है कि चारों पुराने विवाद के समझौते को लेकर उनसे बातचीत करने आए थे लेकिन कुछ ही देर में विवाद बढ़ गया। इसके बाद आरोपियों ने गाली गलौज शुरू कर दी और उनके साथ मारपीट करने के लिए आगे बढ़े।
सुमित की शिकायत के अनुसार आरोपियों ने घर के बाहर लगा पार्षद का बोर्ड चाकू से फाड़ दिया। स्थिति बिगड़ती देख सुमित खुद को बचाने के लिए मल्टी की दूसरी मंजिल पर स्थित अपने फ्लैट में चले गए। इसके बाद भी आरोपियों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। उन्होंने फ्लैट के दरवाजे पर लात मारी और बाहर रखे गमलों को तोड़ना शुरू कर दिया। आरोप है कि वहां खड़ी गाड़ियों और कुर्सियों को भी नुकसान पहुंचाया गया। इस दौरान सुमित की ओर गमला फेंकने और उन्हें तथा उनकी पत्नी को जान से मारने की धमकी देने की बात भी शिकायत में कही गई है।
घटना के दौरान सुमित और उनकी पत्नी ने शोर मचाया तो आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए। लोगों की मौजूदगी बढ़ने के बाद आरोपी वहां से भाग निकले। इसके बाद दंपति ने पुलिस को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। पुलिस ने सुमित की शिकायत पर चार लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
हालांकि इस घटना में दूसरा पक्ष भी सामने आया है। दूसरे पक्ष का आरोप है कि विवाद की शुरुआत सुमित तलरेजा ने की थी और उन्होंने पिस्टल दिखाकर डराने की कोशिश की थी। इस आरोप के सामने आने के बाद मामला और पेचीदा हो गया है। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के बयान और उनके आरोपों की जांच कर रही है। घटना के पीछे पुराने विवाद और समझौते को लेकर हुई कहासुनी को अहम वजह माना जा रहा है। पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद किस बात से शुरू हुआ और घटना के दौरान किस पक्ष की क्या भूमिका रही।
