मनोज बाजपेयी ने बताया कि फिल्म की शूटिंग एक बेहद संकरी और सुनसान गली में हो रही थी जिसे पूरी तरह से बंद कर दिया गया था ताकि शूटिंग बिना किसी व्यवधान के पूरी हो सके। आसपास के लोगों को भी कुछ समय के लिए रुकने के लिए कहा गया था। सब कुछ योजना के मुताबिक चल रहा था तभी अचानक 21 22 साल का एक युवक वहां आ गया।
अभिनेता के अनुसार वह युवक बिना किसी की बात सुने आगे बढ़ने लगा और उसने साफ कह दिया कि उसे अपने काम से जाना है और वह किसी भी हालत में रुकेगा नहीं। टीम ने पहले उसे समझाने की कोशिश की लेकिन जब वह नहीं माना तो आखिरकार उसे जाने दिया गया।
यहीं से कहानी ने अप्रत्याशित मोड़ लिया। मनोज बाजपेयी ने बताया कि जब वह युवक उनके पास से गुजर रहा था तो उसने अचानक उनके कूल्हे पर जोरदार थप्पड़ मार दिया। यह घटना इतनी अचानक हुई कि कोई भी कुछ समझ नहीं पाया। अभिनेता ने कहा कि वह युवक शायद इस बात से नाराज था कि उसे शूटिंग के कारण रोका गया और वह अपनी झुंझलाहट निकालना चाहता था।
मनोज बाजपेयी ने इस घटना को याद करते हुए कहा कि शूटिंग के दौरान ऐसे कई अजीब और अप्रत्याशित अनुभव होते हैं जिनके लिए कोई भी तैयार नहीं होता। हालांकि यह घटना चौंकाने वाली थी लेकिन उन्होंने इसे हल्के फुल्के अंदाज में साझा किया।
फिल्म गली गुलियां भले ही बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता हासिल नहीं कर पाई लेकिन समीक्षकों ने इसकी कहानी और मनोज बाजपेयी के अभिनय की खूब तारीफ की थी। फिल्म एक ऐसे व्यक्ति की मानसिक स्थिति को दर्शाती है जो अपने आसपास हो रही घटनाओं को लेकर गहरे मानसिक तनाव में होता है और चाइल्ड एब्यूज जैसे गंभीर मुद्दे को उठाती है।
वर्क फ्रंट की बात करें तो मनोज बाजपेयी लगातार अलग अलग और चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में उनका नाम भागम भाग 2 को लेकर चर्चा में है। इसके अलावा वह फिल्म घूसखोर पंडित को लेकर भी सुर्खियों में रहे जिसमें उन्होंने एक भ्रष्ट पुलिस अधिकारी का किरदार निभाया। यह फिल्म अपने टाइटल को लेकर विवादों में भी रही। यह किस्सा एक बार फिर दिखाता है कि फिल्मी दुनिया के पीछे कई अनदेखे और अनसुने अनुभव छिपे होते हैं जो सितारों के जीवन को आम लोगों से अलग और कभी कभी चुनौतीपूर्ण बना देते हैं।
