मीका सिंह की टीम ने बयान जारी कर कहा कि वह मंत्री सुबोध उनियाल की ओर से माफी मांगे जाने की सराहना करती है। बयान में कलाकारों की गरिमा और उनके सम्मान को महत्वपूर्ण बताया गया। टीम के मुताबिक, दलेर मेहंदी संगीत जगत के वरिष्ठ कलाकार हैं और उन्होंने संगीत उद्योग में बड़ा योगदान दिया है। ऐसे में प्रत्येक कलाकार के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए।
बयान में कहा गया कि सुबोध उनियाल ने दुर्भाग्यपूर्ण घटना को लेकर टेलीफोन पर बातचीत के दौरान दलेर मेहंदी से माफी मांगी है। टीम ने उम्मीद जताई कि इस घटनाक्रम के बाद विवाद समाप्त हो जाएगा और सभी पक्ष आपसी सम्मान तथा समझ के साथ आगे बढ़ेंगे। इस प्रतिक्रिया के जरिए कलाकारों के सम्मान और सार्वजनिक मंच पर उनके साथ उचित व्यवहार किए जाने की जरूरत पर जोर दिया गया।
माफी से पहले बयान पर कायम थे मंत्री
माफी मांगने से पहले सुबोध उनियाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में विवाद को लेकर अपना पक्ष रखा था। उस दौरान उन्होंने अपने बयान पर कायम रहते हुए कहा था कि यदि कलाकार की तबीयत ठीक नहीं थी, तो उन्हें आयोजकों या दर्शकों को पहले ही इसकी जानकारी देनी चाहिए थी। उनके इस रुख के बाद विवाद चर्चा में बना हुआ था। अब मंत्री की ओर से फोन पर माफी मांगे जाने के बाद स्थिति बदलती दिखाई दे रही है।
18 अक्टूबर को शुरू हुआ था विवाद
यह मामला 18 अक्टूबर को नवरात्रि के अवसर पर टिहरी गढ़वाल में आयोजित कुंजापुरी देवी मेले का है। कार्यक्रम के दौरान दलेर मेहंदी मंच पर लाइव प्रस्तुति दे रहे थे। इसी बीच मंत्री सुबोध उनियाल मंच पर पहुंचे और उनकी प्रस्तुति बीच में रुकवा दी। मंत्री ने आरोप लगाया था कि गायक शराब के नशे में हैं और लिप-सिंक कर रहे हैं। इस घटना के बाद कलाकार और मंत्री के बीच विवाद सामने आया।
घटना के बाद दलेर मेहंदी के छोटे भाई और गायक मीका सिंह ने इस मामले पर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने मंत्री से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की थी। मीका सिंह ने कहा था कि उनके भाई ने कभी शराब नहीं पी और कार्यक्रम के समय उनकी तबीयत खराब थी। उन्होंने यह सवाल भी उठाया था कि किसी वरिष्ठ कलाकार के बारे में सार्वजनिक मंच पर इस तरह की टिप्पणी कैसे की जा सकती है।
दलेर मेहंदी की ओर से अब तक विवाद पर सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, मुख्यमंत्री और मंत्री की ओर से माफी मांगे जाने तथा मीका सिंह की टीम की सकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद इस मामले के आगे बढ़ने की संभावना कम होने की उम्मीद जताई जा रही है। अब देखना होगा कि संबंधित पक्ष इस विवाद को यहीं समाप्त मानते हैं या आगे भी इस पर कोई बयान सामने आता है।
