दतिया/भांडेर (राजेश गिरी)। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) का विरोध कर रहे शिक्षकों में से शुक्रवार को वर्ष 2005 तथा 2008 में व्यापम परीक्षा उत्तीर्ण शिक्षकों द्वारा मुख्य सचिव स्कूल शिक्षा विभाग मप्र शासन के नाम भांडेर ब्लॉक के शिक्षकों ने तहसील कार्यालय भांडेर पहुंचकर नायब तहसीलदार गेंदालाल भारती को ज्ञापन सौंपकर सुप्रीम कोर्ट के प्रकीर्ण आवेदन डायरी नंबर 45420/2026 में दर्ज 10 आपत्तियों का निर्धारित समयावधि (90 दिवस) में निराकरण कराए जाने की मांग की है। चूंकि इस मामले में लगभग 70 दिवस गुजर चुके हैं। यदि बचे शेष दिनों के भीतर यदि आपत्तियों का निराकरण नहीं कराया जाता है तो न्यायालयीन कार्यवाही प्रभावित हो सकती है और इसका प्रतिकूल असर विभिन्न शिक्षक संगठनों द्वारा प्रस्तुत अंतर्वर्ती आवेदन की सुनवाई एवं प्रभावी विचारण पर भी पड़ सकता है।
क्या हैं ये आपत्तियां
बता दें कि टीईटी परीक्षा के विरोध में मप्र के विभिन्न शिक्षक संगठनों ने समय समय पर मप्र सरकार के समक्ष ज्ञापन देते हुए इस परीक्षा को रद्द करने की मांग की थी। लेकिन इनके प्रयास विफल हुए। लेकिन इसमें वर्ष 2011 की व्यापम परीक्षा पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण शिक्षकों को इस परीक्षा से राहत मिली। अब इसके आधार पर वर्ष 2005 तथा 2008 की व्यापम परीक्षा उत्तीर्ण शिक्षकों ने भी मांग करते हुए उन्हें भी 2011 की व्यापम परीक्षा पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण शिक्षकों की तरह टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण करने की बाध्यता से मुक्त रखने की मांग की थी। इस पर मप्र शासन ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष एक याचिका दायर की थी। इस याचिका के संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने 10 आपत्तियां जारी करते हुए समयावधि में इनके निराकरण हेतु स्कूल शिक्षा विभाग को निर्देशित किया था।
ये आपत्तियां हैं – असाधारण अंतर्निहित क्षेत्राधिकार को अंतर्निहित क्षेत्राधिकार के बजाय लिखा गया है, आरपीडी संख्या 23484 वर्ष 2026 नहीं लिखा गया, प्रकीर्ण आवेदन का शीर्षक सही होना चाहिए, अनुलग्नकों का पृष्ठ क्रमांकन नहीं किया गया है, अनुच्छेद एक सही होना चाहिए, प्रार्थना वाला भाग सही होना चाहिए, प्रकीर्ण आवेदन दाखिल करने के लिए अनिवार्य शपथ पत्र दाखिल नहीं किया गया है, विलंब की माफी के लिए आवेदन दाखिल नहीं किया गया है, अनुक्रमणिका पूर्ण नहीं है तथा सेवा का प्रमाण दाखिल नहीं किया गया है।
