उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की 11 सीटों के लिए मतदान कराया जा रहा है। मतदान सुबह आठ बजे शुरू हुआ और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शाम चार बजे तक चलेगा। औरैया, हरदोई, जालौन, चित्रकूट और गौतमबुद्ध नगर सहित राज्य के 72 जिलों में मतदान की व्यवस्था की गई है। चुनाव में भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच मुकाबला प्रमुख है। कुछ सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशी भी चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकते हैं।
उत्तर प्रदेश की सीटों में गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र पर विशेष ध्यान है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह क्षेत्र से जुड़ी इस सीट पर भाजपा ने अपनी चुनावी रणनीति के तहत सक्रियता बढ़ाई है। वहीं समाजवादी पार्टी ने शिक्षकों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता दी है। पार्टी की ओर से मानदेय, पुरानी पेंशन योजना और सेवा सुरक्षा जैसे विषय उठाए गए हैं। स्थानीय असंतोष और बागी उम्मीदवारों की भूमिका भी मुकाबले को प्रभावित कर सकती है।
बिहार में विधान परिषद की आठ सीटों के लिए मतदान हो रहा है। इनमें पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी के स्नातक निर्वाचन क्षेत्र तथा पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण के शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। पटना स्नातक सीट पर राजनीतिक गतिविधियों पर खास नजर है। यहां जनता दल यूनाइटेड के प्रत्याशी नीरज कुमार के मुकाबले को लेकर चर्चा है। खबर में दिए गए विवरण के अनुसार, विधायक अनंत सिंह द्वारा जन सुराज के उम्मीदवार का समर्थन किए जाने से चुनावी माहौल प्रभावित हुआ है।
महाराष्ट्र में विधान परिषद की पांच सीटों के लिए चुनाव हो रहा है। इनमें औरंगाबाद, पुणे और नागपुर के तीन स्नातक निर्वाचन क्षेत्र तथा अमरावती और पुणे के दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। राज्य में महायुति और महाविकास अघाड़ी के बीच मुकाबला है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इन सीटों पर कुल 182 उम्मीदवार मैदान में हैं और दस लाख से अधिक मतदाता मतदान के पात्र हैं।
कर्नाटक में चार सीटों पर मतदान कराया जा रहा है। इनमें कर्नाटक दक्षिण-पूर्व और कर्नाटक पश्चिम के दो स्नातक निर्वाचन क्षेत्र तथा कर्नाटक उत्तर-पूर्व और बेंगलुरु के दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। यहां सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन के बीच मुकाबला महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
चारों राज्यों में मतदान बैलेट पेपर के माध्यम से कराया जा रहा है। इन निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाता वरीयता क्रम के आधार पर उम्मीदवारों का चयन करते हैं। मतदान केंद्रों पर निष्पक्षता बनाए रखने के लिए मोबाइल फोन और कैमरों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया गया है। उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में समाजवादी पार्टी ने प्रशासनिक पक्षपात की आशंका जताई है। ऐसे में चुनाव प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा और निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मतदान पूरा होने के बाद मतपेटियों को सुरक्षा व्यवस्था के बीच स्ट्रांग रूम में रखा जाएगा। इसके बाद 27 अक्टूबर को मतगणना होगी और चारों राज्यों की संबंधित सीटों के परिणाम घोषित किए जाएंगे। नतीजों से यह स्पष्ट होगा कि स्नातक और शिक्षक मतदाताओं के बीच किस दल और उम्मीदवार को कितना समर्थन मिला है।
