उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में रविवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे में तीन दोस्तों की मौत हो गई जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पांचों दोस्त दशहरे की छुट्टी पर आगरा से मसूरी घूमने जा रहे थे। रास्ते में नागल थाना क्षेत्र के बेलड़ा गोल चक्कर के पास उनकी थार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई और पलट गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि गाड़ी का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और कार में फंसे लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया।
हादसा रविवार सुबह करीब चार बजे हुआ। दुर्घटना में साहिल तिवारी उम्र 25 वर्ष राहुल सिंह उम्र 25 वर्ष और सक्षम गौतम उम्र 22 वर्ष की मौत हो गई। वहीं सचिन और हेमंत वर्मा गंभीर रूप से घायल हुए हैं। दोनों चचेरे भाई बताए गए हैं और उनका इलाज सहारनपुर जिला अस्पताल में चल रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे के समय थार तेज रफ्तार में थी। अचानक जोरदार टक्कर की आवाज सुनाई दी। जब लोग घटनास्थल पर पहुंचे तो कार पलटी हुई थी और उसके शीशे सड़क पर बिखरे पड़े थे। कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त नजर आ रहा था।
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बताया गया कि कार में सवार दो युवक पुल के नीचे जा गिरे थे। स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी और घायलों को निकालने में मदद की। पुलिस ने कार के दरवाजे तोड़कर अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला। इसके बाद सभी को एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया। डॉक्टरों ने तीन युवकों को मृत घोषित कर दिया। हादसे की खबर मिलते ही मृतकों के परिवारों में मातम छा गया।
इस हादसे में जान गंवाने वाले साहिल तिवारी अपने परिवार का इकलौता बेटा था। उसके पिता सीमा सुरक्षा बल यानी बीएसएफ में अधिकारी हैं और फिलहाल बेंगलुरु में तैनात हैं। साहिल अपनी मां और बहन के साथ दिल्ली में रहता था। उसके मौसा ब्रह्मानंद के मुताबिक वह दो दिन पहले ही आगरा आया था। बेटे की मौत की खबर मिलने के बाद मां और बहन का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
मृतक राहुल सिंह के पिता गोपाल सिंह ने बताया कि राहुल शनिवार दोपहर घर से निकला था। रात में फोन पर बातचीत के दौरान उसने घूमने जाने की जानकारी दी थी। पिता ने उसे घर लौटने के लिए कहा लेकिन वह नहीं माना। रविवार सुबह करीब पांच बजे परिवार को दुर्घटना की सूचना मिली। अस्पताल पहुंचने पर उन्हें बेटे की मौत का पता चला। राहुल एक निजी अस्पताल में कंपाउंडर के रूप में काम करता था।
वहीं सक्षम गौतम के पिता राजेंद्र गौतम ने बताया कि सक्षम को तीन दिन की छुट्टी मिली थी और उसने मसूरी जाने की बात कही थी। वह शनिवार शाम अपने दोस्तों के साथ रवाना हुआ था। सुबह पुलिस का फोन आने पर परिवार को लगा कि उसे चोट लगी होगी और इलाज के बाद वह ठीक हो जाएगा। लेकिन अस्पताल पहुंचने पर बेटे की मौत की खबर ने परिवार को तोड़ दिया। सक्षम एक दवा कंपनी में एरिया मैनेजर के पद पर कार्यरत था।
नागल थाना प्रभारी राधेश्याम यादव के मुताबिक थार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। उन्होंने बताया कि आगे की सीट पर बैठे दोनों लोगों ने सीट बेल्ट लगा रखी थी और वे बच गए। हादसे में एयरबैग भी प्रभावी तरीके से नहीं खुल सके। फिलहाल इस दर्दनाक दुर्घटना ने तीन परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।
