ग्वालियर। ग्वालियर में ब्याज पर पैसे देने वाले एक व्यक्ति की बेरहमी से हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सूदखोरी और कथित मानसिक प्रताड़ना से परेशान चार लोगों पर हत्या की साजिश रचने और वारदात को अंजाम देने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने मृतक पुरुषोत्तम गुर्जर की गर्दन पर कुल्हाड़ी से पांच और सिर पर दो वार किए थे। इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में घटनास्थल पर मिले गेंदे के फूलों ने अहम भूमिका निभाई। पुलिस ने मामले में मृतक के ही गांव के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
यह वारदात 14 अक्टूबर को ग्वालियर के झांसी रोड थाना क्षेत्र के केदारपुर के पास छोटी मढ़ैया गांव में हुई थी। सुबह भागीरथ गुर्जर के खेत में 35 वर्षीय पुरुषोत्तम गुर्जर का खून से लथपथ शव मिला था। सूचना मिलने के बाद पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान मृतक की गर्दन और सिर पर कुल्हाड़ी से किए गए हमले के निशान मिले। शुरुआती पड़ताल में ही साफ हो गया था कि हत्या बेहद बेरहमी से की गई है। मृतक की जेब से लेनदेन से जुड़ी एक पर्ची भी मिली जिसके बाद पुलिस ने आर्थिक विवाद के पहलू पर जांच शुरू की।
पुलिस की जांच में सामने आया कि छोटी मढ़ैया गांव के रहने वाले रमन गुर्जर राधाकृष्ण गुर्जर छोटू उर्फ राहुल और विजय उर्फ खैरी ने पुरुषोत्तम से कथित तौर पर 20 प्रतिशत ब्याज पर करीब 10 लाख रुपये उधार लिए थे। पुलिस के अनुसार पुरुषोत्तम उनसे लगातार पैसों की मांग करता था। आरोपियों का कहना था कि ब्याज चुकाने के लिए बनाए जा रहे दबाव और गांव में कथित रूप से बेइज्जती किए जाने से वे परेशान थे। इसी नाराजगी के चलते चारों ने हत्या की योजना बनाई। पुलिस के मुताबिक वारदात से करीब तीन दिन पहले गांव के एक चबूतरे पर बैठकर उन्होंने इस साजिश को अंतिम रूप दिया था।
जांच में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने हत्या से पहले शीतला माता मंदिर जाकर पूजा-अर्चना की और वारदात को अंजाम देने का प्रण लिया। इसके बाद वे माला पहनकर घटनास्थल की ओर पहुंचे। घटनास्थल के पास एक चबूतरे पर मिले गेंदे के फूलों ने पुलिस का ध्यान खींचा। जांच के दौरान मंदिर जाने और माला पहनने से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की गई। इसी सुराग ने पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में मदद की और पूछताछ के दौरान कथित साजिश की परतें खुलती चली गईं।
पुलिस के अनुसार 13 अक्टूबर की रात पुरुषोत्तम की पत्नी अपने भाई के एक्सीडेंट की सूचना मिलने पर मायके पृथ्वीपुरा गई हुई थी। पुरुषोत्तम घर पर अकेला था और बाहर सो रहा था। इसी दौरान रात करीब 11 बजे आरोपी रमन गुर्जर उसे ब्याज के पैसों का हिसाब करने और रकम देने की बात कहकर अपने साथ ले गया। इसके बाद पुरुषोत्तम घर के पास स्थित भागीरथ के खेत में पहुंचा जहां चारों ने कथित तौर पर उस पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। हमले में उसकी मौत हो गई।
ग्वालियर के एसएसपी धर्मवीर सिंह के मुताबिक मामले का खुलासा करने के लिए एएसपी डॉ. शिवेश सिंह बघेल के निर्देशन में सीएसपी रवि भदौरिया की पांच टीमों ने काम किया। पुलिस ने करीब 72 घंटे के भीतर तकनीकी साक्ष्य और दूसरे सुराग जुटाकर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल यह मामला कथित सूदखोरी और आर्थिक विवाद से शुरू होकर हत्या तक पहुंचने की गंभीर तस्वीर पेश करता है। पुलिस की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर अब मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
