नई दिल्ली । जर्मनी के कोलोन शहर में एक रोबोट से जुड़ी कथित छेड़छाड़ की घटना की पुलिस जांच कर रही है। आरोप है कि रोबोट ने 16 साल की एक लड़की के नितंबों को छुआ और फिर उसे जोर से धक्का दे दिया। घटना के समय रोबोट को दो युवक नियंत्रित कर रहे थे। इनमें एक 16 वर्षीय किशोर और दूसरा उसका 19 साल का साथी बताया गया है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए रोबोट और दोनों युवकों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है और जांच जारी है।
जानकारी के मुताबिक, यह घटना शनिवार रात से रविवार रात के बीच हुई। आरोप है कि रोबोट की हरकत के दौरान दोनों युवकों ने वीडियो भी बनाया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, उन्होंने कथित घटना को ऑनलाइन प्रसारित किया और उसके दौरान टिप्पणी भी की। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रोबोट की गतिविधियां किस तरह संचालित की गईं और घटना में दोनों युवकों की क्या भूमिका थी।
पुलिस की जांच का एक प्रमुख पहलू यह है कि रोबोट की कथित हरकतें पहले से प्रोग्राम की गई थीं या उसे मौके पर मौजूद युवक वास्तविक समय में नियंत्रित कर रहे थे। इस सवाल का जवाब मिलने से घटना के पीछे की परिस्थितियों को समझने में मदद मिल सकती है। फिलहाल पुलिस ने इस बारे में कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है।
कोलोन पुलिस के प्रवक्ता क्रिस्टोफ बर्मेल के अनुसार, दोनों युवकों को मामले में संदिग्ध माना जा रहा है, लेकिन अभी तक उनके खिलाफ औपचारिक आरोप तय नहीं किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस के लिए इस तरह का मामला नया है। अधिकारियों को पहले ऐसी किसी घटना की जानकारी नहीं थी, जिसमें रोबोट के जरिए किसी व्यक्ति के साथ इस तरह की कथित हरकत किए जाने की जांच करनी पड़ी हो।
सोमवार को पुलिस ने बताया कि फास्ट-फूड रेस्तरां के पास घटनास्थल पर पहुंची आपातकालीन टीम को एक वाहन की डिक्की में रोबोट मिला था। इसके बाद पुलिस ने रोबोट को अपने कब्जे में ले लिया। साथ ही दोनों युवकों के मोबाइल फोन भी जब्त किए गए, ताकि उनमें मौजूद वीडियो, संदेशों और अन्य संभावित साक्ष्यों की जांच की जा सके।
मोबाइल फोन की जांच से पुलिस को यह समझने में मदद मिल सकती है कि घटना का वीडियो किस तरह बनाया गया, क्या उसे ऑनलाइन प्रसारित किया गया और रोबोट को नियंत्रित करने के लिए किन तरीकों का इस्तेमाल हुआ। हालांकि, इन सभी बिंदुओं पर अभी जांच पूरी नहीं हुई है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि रोबोट की प्रोग्रामिंग किसने की थी और उसके संचालन की जिम्मेदारी किसके पास थी।
इस मामले में 16 वर्षीय किशोर को रोबोट का मालिक बताया गया है, जबकि 19 वर्षीय युवक उसका साथी है। दोनों की कथित भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस ने अब तक गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है और न ही यह बताया है कि जांच के बाद कौन-सी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रोबोट से जुड़ी इस घटना ने तकनीक के इस्तेमाल और उसके संचालन की जिम्मेदारी से संबंधित सवाल भी खड़े किए हैं। हालांकि, मामले की वास्तविक परिस्थितियां और जिम्मेदार लोगों की भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस जब्त किए गए उपकरणों और डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है।
