ग्वालियर । ग्वालियर के राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय में आज 15 अक्टूबर को 12वां दीक्षांत समारोह आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। समारोह का आयोजन दोपहर 3:30 बजे विश्वविद्यालय के दत्तोपंत ठेंगड़ी सभागार में किया जाएगा। इस दौरान कृषि शिक्षा के क्षेत्र में अपनी पढ़ाई पूरी करने वाले 666 छात्र-छात्राओं को डिग्रियां प्रदान की जाएंगी। समारोह में मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करने के साथ उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों का उत्सव भी मनाया जाएगा। कार्यक्रम में प्रदेश के किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ऐदल सिंह कंषाना और भारतीय किसान संघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री दिनेश कुलकर्णी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।
दीक्षांत समारोह से पहले विश्वविद्यालय परिसर में एक महत्वपूर्ण सुविधा का लोकार्पण भी किया जाएगा। दोपहर 3:15 बजे राज्यपाल मंगुभाई पटेल कृषि महाविद्यालय स्थित सीएआईआई यानी CAII में नवीन सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट का उद्घाटन करेंगे। इस यूनिट को CPU के नाम से जाना जाता है। इसके शुरू होने से विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और प्रसंस्करण संबंधी गतिविधियों को नई सुविधा मिलने की उम्मीद है। लोकार्पण कार्यक्रम के बाद राज्यपाल मुख्य दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे। इस तरह एक ही दिन विश्वविद्यालय में नई सुविधा की शुरुआत और विद्यार्थियों के सम्मान से जुड़े दो महत्वपूर्ण आयोजन होंगे।
दीक्षांत समारोह में कुल 666 विद्यार्थियों को उपाधियां दी जाएंगी। इनमें 345 स्नातक यानी यूजी के विद्यार्थी शामिल हैं। इसके अलावा 294 स्नातकोत्तर यानी पीजी विद्यार्थियों और 27 पीएचडी शोधार्थियों को भी डिग्रियां प्रदान की जाएंगी। यह समारोह उन विद्यार्थियों के लिए खास होगा जिन्होंने अपनी पढ़ाई और शोध के जरिए निर्धारित शैक्षणिक लक्ष्य हासिल किए हैं। डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के साथ उनके परिजन भी सभागार में मौजूद रहेंगे और इस उपलब्धि के साक्षी बनेंगे।
कार्यक्रम के दौरान चार विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया जाएगा। इनमें स्नातक स्तर के दो विद्यार्थी शामिल होंगे जबकि स्नातकोत्तर और पीएचडी श्रेणी से एक-एक विद्यार्थी को स्वर्ण पदक प्रदान किया जाएगा। गोल्ड मेडल के जरिए उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों की उपलब्धियों को मान्यता दी जाएगी। इसके अतिरिक्त तीन विद्यार्थियों को सिरताज बहादुर सिन्हा स्मृति नगद पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इन पुरस्कारों के माध्यम से विद्यार्थियों को आगे भी बेहतर प्रदर्शन और कृषि क्षेत्र में नए अवसरों की तलाश के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर अरविंद कुमार शुक्ला के अनुसार समारोह में उन विद्यार्थियों को उपाधियां दी जाएंगी जिन्होंने 1 अक्टूबर 2025 से 30 सितंबर 2026 के बीच अपनी डिग्री पूरी की है। दीक्षांत समारोह किसी भी विश्वविद्यालय के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर होता है क्योंकि इस दिन विद्यार्थियों की वर्षों की मेहनत को औपचारिक मान्यता मिलती है। ग्वालियर के कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाला यह समारोह भी विद्यार्थियों के लिए यादगार रहेगा। गोल्ड मेडल और स्मृति पुरस्कार प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के लिए यह उपलब्धि विशेष महत्व रखेगी जबकि नई सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट का लोकार्पण विश्वविद्यालय की सुविधाओं में एक और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
