12 साल से तलाश रही थी हरदोई पुलिस
झांसी। झांसी में दिव्य दरबार लगाकर बीमारियां ठीक करने और लोगों की समस्याओं का समाधान करने का दावा करने वाला काली सरकार बाबा उर्फ प्रदीप शुक्ला हिस्ट्रीशीटर निकला। रविवार को हरदोई और मऊरानीपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने उसे कुरैंचा गांव स्थित काली सरकार मंदिर से गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि वह नाम और वेश बदलकर मंदिर में रह रहा था। हरदोई पुलिस को उसकी करीब 12 साल से तलाश थी।

पुलिस के मुताबिक, हरदोई जिले के चौहान थोक का रहने वाला प्रदीप शुक्ला उर्फ नटरोज लूट और मारपीट के मामलों में वांछित था। हरदोई से फरार होने के बाद वह मऊरानीपुर थाना क्षेत्र के कुरैंचा गांव स्थित काली सरकार मंदिर में रहने लगा। यहां उसने अपनी पहचान बदलकर सत्यानंद शुक्ला उर्फ काली सरकार रख ली और बाबा बनकर दिव्य दरबार लगाने लगा। वह आर्मी जैसी ड्रेस भी पहनता था।
दिव्य दरबार में जुटते थे सैकड़ों लोग
काली सरकार बाबा के दरबार में देश के विभिन्न हिस्सों के अलावा विदेशों से भी लोग पहुंचते थे। वह लोगों की बीमारियां ठीक करने और उनकी दूसरी समस्याओं का समाधान करने का दावा करता था। शुक्रवार, शनिवार और रविवार को नियमित रूप से दरबार लगाया जाता था, जबकि स्थानीय लोगों के लिए बुधवार को भी दरबार लगता था।
सोशल मीडिया पर भी उसकी अच्छी खासी लोकप्रियता थी। करीब एक साल पहले बनाए गए इंस्टाग्राम पेज पर उसके एक लाख से अधिक फॉलोअर्स बताए जा रहे हैं।
सीओ बोले,स्थायी वारंट पर हुई गिरफ्तारी
मऊरानीपुर सीओ रत्नेश्वर सिंह के अनुसार, प्रदीप के खिलाफ वर्ष 1993 में लूट और 1998 में मारपीट का मामला दर्ज हुआ था। अदालत में पेश नहीं होने पर उसके खिलाफ स्थायी वारंट जारी किए गए थे। कुछ समय पहले हरदोई पुलिस को उसके झांसी में होने की जानकारी मिली। इसके बाद संयुक्त टीम ने मंदिर में दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
