चार साल पुराने मामले को शासन ने किया है चिन्हित, डीजीसी क्राइम ने घटनास्थल पहुंचकर समझे घटनाक्रम के पहलू
झांसी। गंभीर अपराधों में आरोपियों को सजा दिलाने के लिए अभियोजन पक्ष ने पैरवी तेज कर दी है। इसी क्रम में रविवार को डीजीसी क्राइम मृदुलकांत श्रीवास्तव और उनकी टीम ने सीपरी बाजार थाना क्षेत्र में चार वर्ष पुराने अपहरण और हत्या के प्रयास के मामले में घटनास्थल का निरीक्षण कर क्राइम सीन दोहराया। शासन की ओर से चिन्हित इस मामले में अभियोजन पक्ष फैसले से पहले साक्ष्यों और घटनाक्रम के प्रत्येक पहलू को मजबूत करने में जुटा है।
डीजीसी क्राइम मृदुलकांत श्रीवास्तव के अनुसार, घटना नौ नवंबर 2021 की है। आरोप है कि ग्वालटोली निवासी आकाश यादव के साथ मारपीट करने के बाद उसका अपहरण कर लिया गया था। उसे सरकारी जमीन पर बने एक आवास में बंधक बनाकर जहर खिलाकर हत्या का प्रयास किया गया। आरोपियों ने आकाश यादव और उसके भाई को मरणासन्न हालत में छोड़ दिया था।
आकाश यादव की तहरीर पर पुलिस ने ग्राम खोड़न निवासी गुलशन यादव उर्फ गुलाब सिंह और उसके साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की थी। डीजीसी क्राइम के मुताबिक, मामले के आरोपी गुलशन यादव को हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से भी जमानत नहीं मिली थी।
फैसले से पहले साक्ष्यों को मजबूत करने की कवायद
रविवार को घटनास्थल पर पहुंचकर अभियोजन टीम ने वादी मुकदमा से घटनाक्रम की जानकारी ली और यह समझने का प्रयास किया कि वारदात किस तरह अंजाम दी गई थी। इसका उद्देश्य न्यायालय में सुनवाई के दौरान तथ्यों और साक्ष्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना है।
डीजीसी क्राइम ने बताया कि मामले में अब तक आठ गवाहों की गवाही हो चुकी है। सत्र न्यायालय में मुकदमा अंतिम चरण में है और अभियुक्तों के धारा 313 के बयान की प्रक्रिया शेष है। इसके बाद फैसले की दिशा स्पष्ट होगी। उन्होंने कहा कि गंभीर अपराधों में प्रभावी पैरवी कर आरोपियों को कानून के अनुसार सजा दिलाना अभियोजन की प्राथमिकता है।
